स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए ई-कॉमर्स नीति में होंगे ये बड़े बदलाव

  • by Yogesh
  • May 16, 2019

वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) के एक ऑफिसर ने हाल ही में जानकारी दी है कि वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) ऐसे तमाम प्रबंध करने जा रहा है जिससे घरेलू मार्केट में स्टार्टअप कंपनियों को  मजबूती मिलेगी।

वहीं वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों को  अलग अलग क्षेत्रों का डाटा उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। वहीं ऑफिसर ने कहा कि नई सरकार की देखरेख में वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) तमाम दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

गौरतलब है कि सरकार देश में ऐसी बहुराष्ट्रीय ई-कॉमर्स (E-commerce) कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी में हैं, जिन्होंने हिंदुस्तान के अपने उत्पादों का डंपिंग ग्राउंड बना दिया है। मिली जानकारी के अनुसार वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) ने ऐसी कंपनियों के खिलाफ शख्त रुख अपना लिया है।

READ  Zomato ने भारत के 10 शहरों में शुरू की टैम्पर प्रूफ पैकेजिंग' सेवा

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बड़ी विदेशी ई-कॉमर्स (E-commerce कंपनियां कर  की चोरी करते हुए देश में बड़े पैमाने पर अपने उत्पाद भेज रही हैं। वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce)  ने कहा कि ये कंपनियां इन उत्पादों पर गिफ्ट या सैंपल का लेबल लगाकर हिंदुस्तान में भेज देती हैं। कस्टम विभाग (Custom department) ने अभी हाल ही में मुंबई एयर पोर्ट पर कार्रवाई करते हुए इसका पर्दाफाश किया है। सूत्रों के अनुसार वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) के कठोर रुख के बाद अब ऐसी खेप में 55 प्रतिशत तक की गिरावट दर्झ की गई है।

बता दें कि यह कमी 2019 की पहली तिमाही में देखी गई है। आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2018 में जहां हर महीने 1.13 लाख सामान के कुरियर आया करते थे वो मार्च 2019 में घटकर 50 हजार रह गए। यही कारण है कि अब सरकार ऐसी कंपनियों की नीतियों व धोखाधड़ी पर सख्ती का रुख अपनाने जा रही है।

READ  'सामाजिक उद्यमिता' की बारीकियों को समझने का सुनहरा मौका: Startup Saturday

वहीं वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) से जुड़े एक ऑफिसर के अनुसार, ऐसे तमाम प्रबंध होंगे, जिससे घरेलू बाजार में ऐसी कंपनियों को मजबूती मिलेगी। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उन्हें भिन्न-भिन्न क्षेत्रों का डाटा भी उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। अब वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) नयी सरकार की देखरेख में इन दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने वाला है।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *