कर्नाटक सरकार ने हटाया Ola से प्रतिबंध, राज्य के लोगों की अपील का असर

  • by Ashutosh Kumar Singh
  • March 25, 2019

वर्तमान समय में कर्नाटक सरकार द्वारा लगाए गये प्रतिबंध वाले मामले में Ola को बहुत बड़ी राहत मिली है। दरसल कर्नाटक सरकार ने राज्य में ओला (Ola) पर लगाया गया छह महीने का प्रतिबंध हटा दिया है।

जी हाँ! कहा यह जा रहा है कि सरकार द्वारा प्रतिबन्ध के इस के बाद बेंगलुरु और अन्य शहरों के नागरिकों के साथ-साथ उद्यमियों, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों में काफी रोष दिखा। इसके चलते सरकार ने यह प्रतिबन्ध महज़ दो दिनों बाद ही हटा लिया। 

सूत्रों के मुताबिक राज्य के समाज कल्याण मंत्री प्रियांक खड़गे द्वारा इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखते हुए यह बताया गया कि इसकी वजह से लाखों उपयोगकर्ताओं की आवाजाही और कई लाख ड्राइवरों की आजीविका बुरे तरीके से प्रभावित हुई है, इसलिए जल्द ही इस मसले का कोई हल निकाला जाए।

प्रियांक खड़गे ने कहा

“सरकार बातचीत के लिए तैयार है और वह Ola को प्रतिबंध से बचाने के प्रयास करेगी, ताकि उपयोगकर्ताओं की सुविधाएं और ड्राईवरों की आजीविका प्रभावित न हो। लेकिन ओला (Ola) को अभी बढ़ती तकनीक के साथ सरकार की नीतियों के साथ समंवय स्थापित करना पड़ेगा। और साथ ही इन तकनीकों के लिए सरकार भी जल्द ही ऐसे स्टार्टअप्स के साथ मिलकर नई नीतियाँ तैयार करेगी।”

इस बीच हम आपको बता दें कि इससे पहले कर्नाटक सरकार ने राज्य में ओला कैब (Ola Cabs) का लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिया था। सरकार के आदेश की अनदेखी करने की वजह से कर्नाटक सरकार के परिवहन विभाग ने यह कदम उठाया था। 

दरसल सरकार के परिवहन विभाग ने बाइक टैक्सी के लाइसेंस को लेकर कैब प्रदाताओं को चेतावनी दी थी। लेकिन शायद Ola ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। 

कुछ समय पहले ही जैसा कि हमनें आपको बताया था कर्नाटक सरकार के परिवहन विभाग ने राज्य में बाइक-टैक्सी सेवाओं को अवैध करार देते हुए, इस क्षेत्र में कार्यरत Ola, और Rapido कि लगभग 200 बाइकों को जब्त भी किया था।

इन बाइक मालिकों के खिलाफ़ अवैध बाइक टैक्सियों के संचालन के तहत चार्ज लगाते हुए केस भी दर्ज किया गया है। इसके साथ ही कथित रूप से टैक्सी सेवाओं के संचालन के उद्देश्यों के लिए सफेद नंबर प्लेट वाली बाइक का उपयोग करने के लिए उन पर जुर्माना भी लगाया गया था।

READ  Paytm को वर्ष 2020 में उठाना पड़ सकता हैं, बड़ा नुकसान

इस पर अतिरिक्त परिवहन आयुक्त सी.पी. नारायण स्वामी ने कहा था, 

“ओला (Ola) और रैपिडो (Rapido) जैसे कई मोबाइल ऐप आधारित एग्रीगेटर, अवैध रूप से बाइक टैक्सी व्यवसाय का संचालन कर रहे हैं। बाइक मालिकों के खिलाफ़ व्यावसायिक प्रयोजनों के लिए निजी बाइक का उपयोग करने संबंधी आरोप लगाए गये हैं।”

खैर! फ़िलहाल उपयोगकर्ताओं के साथ ही साथ वहां के Ola ड्राईवरों के लिए यह एक राहत की खबर है। बस अब देखना यह है कि भावेश अग्रवाल के नेतृत्व वाली यह कंपनी सरकार के साथ मिलकर किन नई नीतियों के साथ इस समस्या का संपूर्ण निदान निकालने के प्रयास करेगी?

Loading...

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं
  • facebook
  • twitter
  • linkedIn
  • instagram