Samsung ने की IndusOS से साझेदारी, 12 भारतीय भाषाओं लॉन्च करेगा अपना ऐप स्टोर

  • by Ashutosh Kumar Singh
  • March 16, 2019

कोरियाई मूल की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी सैमसंग (Samsung) ने हमेशा से ही भारतीय बाज़ार को प्राथमिकता दी है। और भारतीय बाज़ार के लिहाज़ से कंपनी खुद को बदलती भी रही है।

यूँ तो भारतीय स्मार्टफोन बाज़ार में हमेशा से ही सैमसंग (Samsung) ने अपनी पकड बना कर रखी है। लेकिन इस बात को भी खारिच नहीं किया जा सकता कि वर्तमान समय में चीनी स्मार्टफोन निर्माता Xiaomi जैसे कुछ ब्रांड्स के आने से बाज़ार में Samsung की चमक कुछ फीकी जरुर पड़ी है। 

दरसल सैमसंग (Samsung) ने पिछले साल ही इस तथ्य को स्वीकारते हुए, भारत में वापसी के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी थ। अपनी इन्हीं कोशिशों के तहत कंपनी ने जुलाई में भारत में अपनी विनिर्माण इकाई के लिए करीब $726.74 मिलियन (INR 5000 Cr) का निवेश किया था। इस निवेश के जरिये कंपनी का मकसद भारत में अपनी उत्पादन क्षमता को सालाना 68 मिलियन से बढ़ाकर 120 मिलियन करना था।

लेकिन अब बाज़ार में प्रतिस्पर्धा के और बढ़ने से Samsung अब और भी भारतीय नजर आना चाहती है। इसके चलते कंपनी ने भारतीय मूल की ऑपरेटिंग सिस्टम डेवलपर कंपनी, IndusOS के साथ साझेदारी की है। दरसल Samsung 12 भारतीय भाषाओं में अपने ऐप स्टोर को लॉन्च करने का मन बना रही है। और इसी के चलते यह साझेदारी की गई है। 

कंपनी ने कथित तौर पर अपने उत्पादों और सॉफ्टवेर को देसी स्पर्श देने और अपने पूरे गैलेक्सी स्मार्टफोन रेंज पर 12 भारतीय भाषाओं में अपने ऐप स्टोर की पेशकश करने की योजना पर कार्य करना चाहती है।

इस मौके पर सैमसंग इंडिया के वरिष्ठ निदेशक संजय राजदान ने कहा,

“क्षेत्रीय भाषाओँ आधारित ऐप इकोनॉमी की मांग में जबरदस्त वृद्धि हो रही है और आगे और भी होने की उम्मीद है। इसमें छोटे शहरों और कई अन्य शहरों के उपयोगकर्ताओं की तेजी से बढ़ती भागीदारी मुख्य वजह है।

इस बीच हम आपको बता दें कि सैमसंग (Samsung) ने हाल ही में अपने गैलेक्सी ऐप्स स्टोर को पूरी तरह से एक नई शक्ल प्रदान करने की भी कोशिश की है। यह नया डिज़ाइन मुख्यतः सर्च और नेविगेशन को मूल भाषा में संभव बनाने पर केंद्रित रखा गया है।

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नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं
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