June 2, 2020
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भारत में Menstrual Hygiene को लेकर ये 5 कंपनियाँ अपने इनोवेशन के जरिये ला रहीं हैं बड़े बदलाव

आपको जानकर खुशी होगी की भारत में भी महिला स्वच्छता के क्षेत्र का विस्तार शुरू हो गया है। और सबसे खुशी कि बात है कि लोगों का इस उद्योग में काफी रुझान देखने को मिल रहा है। वो दिन चले गए जब महिलाओं को अपने स्वच्छता संबंधी चिंताओं के लिए सीमित विकल्प मौजूद हुआ करती है और पीरियड्स के समय काफी दर्द का सामना करना पड़ता था। हर एक असुविधा को आजकल ठीक करने की पूरी कोशिश की गई है। नए युग के सैनिटरी वेलनेस ब्रांडो ने इस समस्या को एक आरामदायक अनुभव में तब्दील होना संभव बना दिया है।

वर्तमान शोध के मुताबिक़, भारत में करीब 88 प्रतिशत महिलाएं किसी भी प्रकार की सैनिटरी देखभाल उत्पादों का उपयोग नहीं करती है। ये महिलाएं बड़े पैमाने पर देश के ग्रामीण इलाकों में रहती है और उपलब्धता, जागरूकता या फिर बजट की कमी के कारण वे इस तरह के उत्पादों का प्रयोग नहीं कर पाती है। Johnson & Johnson और P&G जैसी कंपनियां मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में उत्पादों को पहुंचाना चाहती है जहां निचले तबके में भी इसका इस्तेमाल हो सकें। इसके अलावा सरकार और कई नए पुराने स्टार्टअप अभियानों, शिक्षा ड्राइव के माध्यम से जागरूकता फैलाने के ऊपर काम किया जा रहा है।

खराब और गंदे Menstrual Hygiene की वजह से पर्यावरण, महिलाओं के शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। यह आर्थिक अवसरों को भी कम करता है। इस सब चुनौतियों के बावजूद, Menstrual Hygiene में काफी आर्थिक अवसर है। दुनिया भर के सामाजिक उद्यम और अन्य संगठन इन चुनौतियों से निपटने के लिए नया व्यापार विकसित कर रहे है।

अब हम आपको बताने जा रहे है 5 ऐसी कंपनियां और संगठन के बारे में जो इस अभिनव और अद्भुत प्रयोग से समय समय पर लाभ भी कमा रहे है और महिलाओं और लड़कियों के जीवन में परिवर्तन भी ला रहे है ।

1.) Saathi Pads

Saathi Pads कंपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य और स्वच्छता उत्पादों के लिहाज़ से ऑर्गेनिक और प्राकृतिक दोनों का उत्पादन करता है। उन उत्पादों में टैम्पोन, पैड और पैंटी लाइनर्स शामिल है। कई गैर ऑर्गेनिक उत्पादों में रेयान होता है, जो एक कृत्रिम फाइबर है जो प्रक्षालित लकड़ी के गूदे से बनता है। यह डाइऑक्सिन, एक संभावित कैंसर पैदा करने वाला एजेंट बनाता है।
Saathi Pads ने पूरी तरह से क्लोरीन मुक्त सेल्यूलोज और बायोपलास्टिक्स से बने सैनिटरी पैड और लाइनर्स की एक पूरी श्रृंखला का निर्माण करके सैनिटरी उत्पादों के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए बहुत कुछ किया है, जो सही परिस्थितियों में बायोडिग्रेडेबल और खाद है। यह सेफ्टिक टैंक के लिए बिल्कुल सुरक्षित भी है।

2.) Menstrual Hygiene Management (MHM)

देश में महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी में सस्ती, पर्यावरण के अनुकूल Menstrual पैड बनाने में काफी मदद करता है। यहां के स्थानीय शोषक और सस्ते केले के रेशे से बने SHE’s go! पैड बनाते है । यह पैड वहां के स्थानीय किसानों और विनिर्माण टीमों के साथ मिलकर औद्योगिक स्तर पर किया जाता है।

यह उत्पादन केंद्रीय स्थान पर पहले केले के फूलने और फिर देश भर में विकेंद्रीकृत नेटवर्क में पैड को इकट्ठा करके लिया जाता है। इस वितरण प्रणाली में सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के द्वारा लड़कों और लड़कियों दोनों को यौवन और Menstrual स्वच्छता के बारे में जानकारी और प्रशिक्षण दी जाती है। इस प्रशिक्षण से उन्हें वितरक और इसका एकमात्र मालिक बनने में मदद मिलती है जिससे वो पैड बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करते है।

3.) Sirona

Sirona एक लोकप्रिय और कई पुरस्कारों से सम्मानित ब्रांड है, जो महिलाओं के लिए उनके Menstrual स्वच्छता के मुद्दों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सारे विषयों को हमलोगों के देश में प्रयाप्त रूप से संबोधित नहीं किया जाता है।

इन सारी समस्याओं को हल करने के लिए Sirona ने उन उत्पादों को तैयार किया है जो कि उनकी श्रेणी में अग्रणी है।
सिरोना ने भारत का पहला हर्बल दर्द राहत पैच शुरू किया जिससे महिलाओं को इससे Mentrual दर्द के दौरान मदद मिलती है।

इस कंपनी ने ऑक्सो डिग्रेडबल डिस्पोजल बैग का निर्माण किया है जिससे उत्पादों की स्वच्छता और गुणवत्ता के साथ साथ भारत का पहला सैनिटरी बैग होगा।

PeeBuddy नामक उत्पाद भारत का पहला महिला पेशाब करने का उपकरण है जो बिना अच्छे शौचालय के पेशाब करती है उनके लिए यह बेहद अच्छा उत्पाद है। PeeBuddy PregRX नामक उत्पाद दुनिया का पहला ऐसा एचसीजी एकीकृत FUD फनल है जिससे आप घर बैठें गर्भावस्था का परीक्षण कर सकते है।

सबसे बड़ी बात यह है कि जब भी आप कभी इसका उत्पाद खरीदते है तो इसके आय का एक बहुत बड़ा हिस्सा सामाजिक पहल “AAAN” को जाता है जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है। इससे ट्रैफिकेड सेक्स वर्कर्स को उनकी Menstrual स्वच्छता के लिए मदद मिलती है।

4.) Aakar Innovations

Aakar एक हाइब्रिड सोशल एंटरप्राइज है जो महिलाओं को अपने समुदाय के भीतर सस्ती, उच्च गुणवत्ता वाले, पूरी तरह से कंपोस्टेबल सैनिटरी नैपकिन का उत्पादन और वितरण करने में सक्षम बनाता है। इसके साथ ही साथ Menstrual स्वच्छता प्रबंधन के बारे में जागरूकता और संवेदशीलता को भी बढ़ाता है।

आकर मॉडल के माध्यम से यह Menstrual स्वच्छता के मुद्दे पर लोगों से चुप्पी तोड़ने का प्रयास करता है और साथ ही साथ सभी हितधारकों, विशेष रूप से किशोर लड़कियों को इसके बारे में ज्ञान और मार्गदर्शन भी प्रदान करता है।

साल 2013 में Aakar ब्रांड नाम से “aanandi” के तहत खाद सैनिटरी पैड लॉन्च करने वाली पूरी तरह से भारत की पहली कंपनी बन गई।

5.) Niine

Niine घर में उगाई जाने वाली और सस्ती भारतीय चैलेंजर
सैनिटरी नैपकिन ब्रांड है। सैनिटरी नैपकिन का उपयोग करके भारत में 18 प्रतिशत menstruating महिलाओं के बीच की खाई को कम करने के लिए Niine ने भी एक आंदोलन का नेतृत्व किया था।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में अभी भी करीब 82 प्रतिशत महिलाएं मुख्य रूप से अपने पीरियड्स के समय पुराने कपड़े, घास और यहां तक कि राख जैसे चीज़ों का इस्तेमाल करते है जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

Niine ने अपने उत्पाद को बाज़ार में सबसे कम लागत वाले
सैनिटरी पैड के रूप में लॉन्च किया है । इस पैड की क़ीमत 25 रुपए से शुरू होती है जिसमें 7 सैनिटरी पैड होते है। इनके दामों को देखते हुए बाज़ार में और भी कंपनियों ने अपने आप दाम कम किए और उन्हें दाम कम करने की प्रेरणा भी मिली।

गौरव और शरत ने Niine Menstrual स्वच्छता प्रोडक्ट्स रेंज के विकास में करीब तीन साल का निवेश किया, जो प्रतिभा, प्रौद्योगिकी और गुणवत्ता के लिए एक मजबूत नींव रखने के लिए बहुत आवश्यक और तेज़ी से बढ़ते स्वच्छता उद्योग का विस्तार कर रहा है।

Abhinav Narayan is presently a student of Law from Amity Law School, Noida; and is a vastly experienced candidate in the field of MUNs and youth parliaments. The core branches of Abhinav's expertise lies in Hindi writing, he writes Hindi poems and is a renowned orator. He is currently the President of the Hindi Literary Club, Amity University.
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