June 2, 2020
  • facebook
  • twitter
  • linkedin
pm-modi-nirmala-sitharaman

Techसंवाद विशेष: नए ऐतिहासिक ‘आर्थिक पैकेज’ पर विशेषज्ञों की राय और आगामी संभावनाओं पर प्रकाश

भारत का इतिहास गवाह है कि जब भी हमारे सामने कोई बड़ी चुनौती आई है, हमेशा पूरा देश डटकर उसका मुकाबला करने के लिए साथ खड़ा नज़र आया है। और अगर कहा जाए कि 70 साल के हमारे इतिहास में मौजूदा COVID-19 महामारी के चलते पैदा हुई नई चुनौती शायद देश द्वारा झेली गयी अब तक की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, तो यह गलत नहीं होगा। इस बात को कहनें का एक पुख्ता कारण भी है, क्योंकि मौजूदा हालतों में न सिर्फ देश की आर्थिक स्थिति को बड़ा झटका लगा है, बल्कि हर एक देशवासी की जिंदगियों को भी लगातार खतरा बना हुआ है।

ऐसे महासंकट के समय में भारत सरकार अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए क्या-क्या कदम उठाती है, इस पर देश के साथ ही साथ दुनिया भर की नज़रें टिकी हुईं थीं। जाहिर सी बात है, 130 करोड़ की आबादी, हज़ारो तरह के छोटे-बड़े उद्योग और उन उद्योगों से जुड़ीं उनकी अपनी अपनी समस्याएं और सीमाएं, इन सब से राष्ट्रीय स्तर पर निपटना और सब तक उचित मदद पहुँचाना वाकई एक जटिल काम था। लेकिन हमेशा की तरह इस संकट में भी हमारे देश के माननीय पंतप्रधान श्री नरेंद्र मोदी जी ने 12 मई की रात को देश के नाम संबोधन देते हुए 20 लाख करोड़ रूपये के एक बेहद व्यापक आर्थिक पैकेज की घोषणा कर दुनिया भर को मानों चौंका सा दिया।

और इसी आर्थिक पैकेज के संदर्भ में कल यानि 13 मई को देश की वित्तमंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने विस्तृत घोषणाएं कीं, जिसका विश्लेषण कर हम इस आर्थिक पैकेज से जुडें ऐसे 5 पॉइंट लेकर आयें हैं, जो आपके लिए व्यवसाय के नजरियें से बेहद अहम साबित हो सकतें हैं;

1)  यह आर्थिक पैकेज असल में महज़ एक शुरुआत है, कोई अंत नहीं। सरकार यह स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि अर्थव्यवस्था को बचानें के लिए वह सभी के सुझावों और हितों का ध्यान रखते हुए, राहत से जुड़े बड़े से बड़े फ़ैसले लेने में संकोच नहीं करेगी।

2) ध्यान से देखा जाए तो सरकार अब इस संकट की स्थिति को भी अवसर में बदलतें हुए, भारत को विश्व की सर्वोत्तम अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाने की दिशा में बढ़ रही है। और यही कारण है कि सरकार ‘मेड इन इंडिया’ मुहीम की ही दिशा में स्वदेशी चीज़ों के निर्माण और ग्राहकों को भी स्वदेशी चीज़ों की खरीदारी हेतु प्रेरित करने का लक्ष्य लिए नजर आ रही है। हमारे आँकलन के अनुसार सरकार के इस लक्ष्य के चलते आगामी समय में ‘मेड इन इंडिया’ प्रोडक्ट्स और कंपनियों को एक बड़ी बढ़त मिलती नज़र भी आ सकती है।

3) इस पैकेज का एक और दिलचस्प पहलु यह भी रहा कि वर्तमान में आर्थिक कठिनाईयों से गुजरते हुए उद्योगों को इस आर्थिक पैकेज में बड़े स्तर पर वित्तीय सहायता की पेशकश की गयी है, जो भारत के अब तक के इतिहास में आर्थिक दृष्टि से एक सबसे बड़ा और लगभग पहली बार देखनें को मिलनें वाला कदम है। इसका एक स्पष्ट फायदा है, असल में हमारे देश में जो कंपनियां घाटे में चल रही हों, जिसने क़र्ज़ चुका पानें में असमर्थता जाहिर की हो, उसको घटिया श्रेणी की ही मान लिया जाता था, लेकिन अब इस कदम से उनमें से बेहतर प्रदर्शन कर सकनें में सक्षम कई कंपनियों को फिर से ऊपर आनें और खुद को स्थिर बनानें का मौका मिलेगा।

4) आँकड़ों की बात करें तो इस पैकेज के चलते 100 करोड़ रूपये की कंपनियों के लिए अतिरिक्त क़र्ज़ की योजना से करीब 45 लाख कंपनियों को सीधें संजीवनी मिलती नजर आएगी। अगर आप की कंपनी पर 25 करोड़ रूपये से कम क़र्ज़ है, तो आप बैंक से क़र्ज़ की 20% रक़म अतिरिक्त क़र्ज़ के रूप में मांग सकते हैं। दिलचस्प यह है कि ऐसे क़र्ज़ के लिए कोई प्रॉपर्टी या गारंटी की आवश्यकता नहीं होगी। इससे व्यवसायों को इस साल अपने व्यवसाय में भारी वृद्धि दर्ज कर सकनें का मौका और सीधी मदद मिलती है।

5) इतना ही नहीं बल्कि इस पैकेज में लघु उद्योगों के लिए विशेष 50,000 करोड़ रूपये के इक्विटी फंड का भी ऐलान किया गया, जो ऐसी कंपनियों में निवेश करेगा, जिनमें आगामी समय में भारी वृद्धि दर्ज करने की संभावनाएं देखी जा रहीं हों। दरसल लघु उद्योगों के पास खुद की पूंजी सीमित होती है और बैंकों से क़र्ज़ लेने के लिए उनको पहले अपनी पूंजी कंपनी में डालनी होती है। लेकिन इस क्षेत्र में भी टेक्नोलॉजी आधारित व्यवसाय, आधुनिक डिपार्टमेंटल स्टोर चेन्स आदि में भी स्थायी संपत्तियों (Fixed Assets) की जरूरत होती है, जैसे कि मशीनरी इत्यादि।  ऐसे में कंपनियों को बैंकों से क़र्ज़ लेना ही पड़ता है, लेकिन इसमें उन्हें कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। पर अब यह इक्विटी फंड इन कंपनियों के शेयर्स में निवेश कर उनकी सहायता करता नजर आएगा।

आपको यह बताना भी बेहद जरूरी है कि आने वाले दिनों में सरकार और भी बहुत सी नयी प्रकार की आर्थिक व्यवस्थाएं और योजनाएं लानें के स्पष्ट संकेत दे चुकी है। ऐसे में खासकर लघु उद्योगों के लिए जरूरी हो जाता है कि वह इन सभी योजनाओं से अपडेटेड रहें और सही जागरूकता के साथ इन योजनाओं का लाभ उठानें के लिए आगे आयें।


विशेष धन्यवाद!

Authors:

श्वेता शालिनी (सफ़ल उद्यमी, प्रवक्ता-बीजेपी)
CA विनीत  देव (संस्थापक व सीईओ, Posiview Policy Solutions)

In Association With:

amicableashutosh@gmail.com'

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं | Founder & Editor-In-Chief (TechSamvad)
  • facebook
  • twitter
  • linkedIn
  • instagram

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *