June 2, 2020
  • facebook
  • twitter
  • linkedin

अज़ीम प्रेमजी ने अमेरिकी बायोटेक कंपनी Moderna में ख़रीदी हिस्सेदारी

यह निवेश उनकी निजी निवेश शाखा Premjilnvest के माध्यम से संभव हुआ जो अरबों डॉलर की संपत्ति का प्रबंधन करती है। यह परिवार भारत में सबसे बड़े कार्यालयों में से एक है।

दुनिया के सबसे उदार अरबपतियों में से एक Wipro के संस्थापक अध्यक्ष अजीम प्रेमजी, अमेरिका स्थित बायोटेक कंपनी, Moderna के निवेशकों में एक है। हाल ही में यह कंपनी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए बनाए गए वैक्सीन के परीक्षण में काफी तेजी से फ्रंट रनर की भूमिका में आगे आई है।

इकोॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ यह निवेश करीब $25 – $30 मिलियन के बीच था जो कुछ साल पहले ही कर लिया गया था। जबकि इस फंड ने अपनी कुछ हिस्सेदारी बेची थी, कुछ अभी भी शेष है।

निवेश से परिचित व्यक्ति ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया कि प्रेमजी ऐसे फर्म में निवेश करना पसंद करते है जिसकी लागत कम होती है। ऐसे फर्मों में सिर्फ अमेरिका में प्रेमजी ने अभी तक पांच कंपनियों में निवेश किया है। उनके पास इस निवेश को देखने वाली पूरी टीम मौजूद है। Moderna में निवेश उनकी बॉस्टन वाली टीम द्वारा किया गया, जिन्हें इस क्षेत्र में बहुत सारी तकनीकी विशेषता है।

इस विषय पर प्रेमजी ने किसी भी प्रकार की टिप्पणी देने से साफ इंकार कर दिया है। अब Moderna की तरफ से टिप्पणियों का इंतजार है कि वो इस विषय पर क्या बोलती है?

Moderna के द्वारा किए गए कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन के पहले चरण के सफल परीक्षण के बाद से विश्व स्तर पर एक आशा जग गई है। बताया जा रहा है कि यह कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एक प्रतिरोधक क्षमता का विकास कर सकता है। यह वैक्सीन RNA और mRNA का उपयोग करके काम करता है। एक सामान्य वैक्सीन के मुक़ाबले RNA वैक्सीन mRNA के साथ मिलकर रोग विशिष्ट प्रतिजनों का उत्पादन करता है।

45 रोगियों पर एक प्रारंभिक मानव परीक्षण से पता चला है कि जिन 8 लोगों को mRNA के साथ इंजेक्शन लगाया गया था, वे वहीं एंटीबॉडी का उत्पादन करते थे जो ठीक होने वाले मरीजों में पाया गया था। Moderna ने बताया कि mRNA-1273 एक सुरक्षित और अच्छी तरह से सहन करने वाला उत्पाद है। इसके बाद से विश्व स्तर पर Moderna ने उम्मीद की किरण जरूर जगाई है।

उसी समय चिकित्सा प्रकाशन स्टेट न्यूज़ ने जानकारी दी थी कि वैक्सीन विशेषज्ञों को इसपर संदेह था क्योंकि कंपनी ने अपने दावे का समर्थन करने के लिए कोई भी महत्वपूर्ण डेटा की जानकारी जारी नहीं किया था।

अब हमलोग चीन और इजरायल में संभावनाओं को तलाश रहे है। बहुत पैसा Moderna में नहीं लगाया जाएगा। जीका और निपाह पर काम करने वाली टीम ने एक वैक्सीन प्लेटफ़ॉर्म का निर्माण करते हुए Moderna को काफी आकर्षित किया। सूत्रों के अनुसार MIT’s ने इस बात को माना है कि प्रोफेसर और आविष्कारक Robert Langer ने शुरुआती निवेश किए और यह भी एक बड़ा कारण था।

Robert Langer बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे बेहतरीन शोधकर्ताओं में से एक है। एमआईटी में स्थित उनकी प्रयोगशाला दुनिया की सबसे बड़ी जैविक चिकित्सा इंजीनियरिंग प्रयोगशालाओं में से एक है। उन्होंने अकेले 30 से अधिक बायोटेक कंपनी की स्थापना की और साल 2010 में Moderna कंपनी के संस्थापक निवेशकों में से एक थे। इस कंपनी में अभी भी उनका 3 प्रतिशत से ज्यादा निवेश है।

कंपनी अब दूसरे और तीसरे चरण की तैयारी में आगे बढ़ने की योजना बना रही है। कंपनी ने mRNA-1273 वैक्सीन को बनाने और इसे वितरित करने के लिए एक सार्वजनिक स्टॉक कि पेशकश के माध्यम से करीब $1.34 बिलियन जुटाने की योजना की भी घोषणा कर दी है। सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि अभी फंड के निवेश की कोई योजना नहीं है।

Abhinav Narayan is presently a student of Law from Amity Law School, Noida; and is a vastly experienced candidate in the field of MUNs and youth parliaments. The core branches of Abhinav's expertise lies in Hindi writing, he writes Hindi poems and is a renowned orator. He is currently the President of the Hindi Literary Club, Amity University.
  • facebook

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *