August 8, 2020
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big bazaar

बियानी अपने Future Retail को Reliance Industries को बेचने का जल्द कर सकतें हैं ऐलान: रिपोर्ट

लगभग तीन दशक से भी ज्यादा समय तक भारतीय रिटेल क्षेत्रों में पोस्टर बॉय की तरह नाम कमाने वाले किशोर बियानी अब अपने Future Retail को बेचने का मन बना लिया है। इन्होंने मुकेश अंबानी की Reliance Retail में हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की है और साथ ही इससे निकलने की तैयारी भी कर ली है।

इस सौदे के अनुसार बियानी Future Retail Basket के तहत सभी व्यवसायों पर अपना अधिकार छोड़ देगी जिसमें प्रमुख रूप से Big Bazaar, FBB, Food Hall और Central शामिल है। Future Supply Chain Solutions और Future Lifestyle Fashion Ltd. कंपनी को भी Reliance Industries को बेचा जाएगा। बियानी के पास केवल Future Group के FMCG Business और कुछ अन्य छोटे समूह संस्थानों वाली कंपनी ही बचेगी। उन्होंने इससे पहली भी साल 2012 में Aditya Birla समूह को Pantaloons रिटेल चेन बेच दी थी।

एक बैंक कर्मी जिसे इसके विकास के बारे में पता है उन्होंने कहा कि समूह की वित्तीय स्थिति बेहद ही खराब है इसलिए बियानी ने रिटेल वेंचर को Reliance Industries को बेचने का मन बना लिया है। सौदे के अंतिम बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है जल्द है एक औपचारिक घोषणा की उम्मीद कि जा रही है।

BusinessLine की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ बियानी Reliance Industries के साथ साथ कुछ बेहतरीन निवेशकों जैसे कि Premji Invest, Samara Capital और Amazon से भी बातचीत कर रही है।

अन्य दो संभावित कंपनियां जैसे कि Premji Invest और Samara इस सौदे को पूरा करने में असमर्थ है क्योंकि उन्हें Future Group की ऋण को चुकाने में काफी मुश्किल हो रही है। एक स्त्रोत से पता चला है कि उस बातचीत में काफी समय लग रहा था और बियानी को कंपनी के लिए अब ज्यादा समय नहीं देना है और जल्द से जल्द इसका निपटारा भी करना है।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने हाल ही में कहा था कि Future Group की छह लिस्टेड फर्म का कर्ज मार्च 2019 के 11,463 करोड़ रुपए से बढ़ाकर सितंबर 2019 तक 12,778 करोड़ रुपए कर दिया गया था।

Future Retail ने पिछले छह महीने में लोन डिफॉल्ट से बचने के लिए हर संभव कोशिश की है। जनवरी के महीने में कंपनी ने डॉलर बॉन्ड के जरिए क़रीब $500 मिलियन जुटाए। इसने कॉरपोरेट ओवरहेड, ऑपरेशन, लोगों की लागत और मार्केटिंग लागत पर अपनी निश्चित लागत में भी कटौती की है। इसके बाद कंपनी ने करीब 177 छोटे स्टोर्स को भी बंद कर दिया जो मुख्य रूप से छोटे और कम लोगों वाले जगह में मौजूद थे। इसके अलावा कंपनी ने Amazon और Samara को 1,500 करोड़ रुपए में क़रीब 49 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेच दी।

इस ग्रुप के सीनियर एक्जीक्यूटिव ने कहा कि इन सारे उपायों के बावजूद इस कोरोना महामारी और आर्थिक मंदी ने मिलकर हालात को और भी बद से बदतर बना दिया है।

आगे उन्होंने कहा कि हमने नौकरी को बचाने की पूरी कोशिश की है लेकिन हमारे पास पैसे नहीं है। हमें पूरी तरह से स्टॉक होने की उम्मीद है लेकिन उसके लिए किसी भी प्रकार की रेगुलेशन का पता नहीं है। लगभग 100 दिनों से हमारे स्टोर्स बंद पड़े हुए है। व्यवसायों को चलाने के लिए हमारे पास बहुत कम पूंजी है और श्रमिक न के बराबर है। इसको ऊपर उठाने के लिए बैंको ने भी हमारा समर्थन करना छोड़ दिया है। ऐसे में कंपनी का व्यवसाय कैसे चलेगा? उन्होंने सवाल किया।

दूसरी ओर Reliance की रिटेल यूनिट 31 मार्च 2020 तक 11,784 खुदरा स्टोरों के साथ क़रीब 1,62,936 करोड़ रुपए के राजस्व के साथ देश की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी बन गई है। RIL के एक प्रवक्ता ने कहा कि पॉलिसी के अनुसार हम मीडिया की अटकलों और अफवाहों पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं करते है। हमारी कंपनी निरंतर आधार पर विभिन्न अवसरों का मूल्यांकन करती है।

Abhinav Narayan is presently a student of Law from Amity Law School, Noida; and is a vastly experienced candidate in the field of MUNs and youth parliaments. The core branches of Abhinav's expertise lies in Hindi writing, he writes Hindi poems and is a renowned orator. He is currently the President of the Hindi Literary Club, Amity University.
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