August 3, 2020
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“प्रमाणिकता के लिए, निजी संस्थानों में भी किया जा सकता हैं, आधार का प्रयोग” : मंत्रिमंडल

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने एक फर्मान जारी किया जिसके अंतर्गत आधार कार्ड को स्वैच्छिक रूप से किसी भी निजी संस्थानों जैसे बैंक और टेलीकॉम कंपनी में उपभोक्ताओं की प्रमाणिकता साबित करने के लिए प्रयोग किया जा सकता हैं

संसोधन के लिए दिये जाने वाले प्रस्ताव और जनवरी में लोकसभा में पास किया गया प्रस्ताव दोनों ही एक समान थे। सरकार द्वारा दी गई ख़बर के अनुसार आधार एक्ट 2016, मनी लॉन्डरिंग एक्ट 2005 और भारतीय टेलीग्राफ एक्ट 1885 में संशोधन करने का दावा किया गया हैं। 

प्रस्ताव के अंतर्गत-

“इस प्रस्ताव के अनुसार स्वैच्छिक रूप से आधार नंबर का प्रयोग प्राकृतिक या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से उपयोगकर्ता की प्रमाणिकता को साबित करने के लिए प्रयोग किया जाएगा, बशर्ते इसमें कार्ड धारक की मंजूरी होनी चाहिए।” 

यह निजी संस्थाओं को प्रमाणीकरण करने की पूरी मंजूरी देते हैं की अगर कभी किसी ने इसकी गोपनीयता पर सवाल किए तो उसे जवाब भी दिया जा सके। यह छोटे बच्चों को अपने आधार कार्ड को रद्द करने की सुविधा भी प्रदान कराती हैं, जब वह 18 वर्ष के हो जाए। 

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आधार एक्ट 2016, मनी लॉन्डरिंग एक्ट 2005 और भारतीय टेलीग्राफ एक्ट 1885 में संसोधन के लिए प्रस्ताव रखा गया हैं। 

नीचले सदन में पास होने के बाद, आधार के साथ और भी प्रस्तावों को उपरी सदन में रोक दिया गया

amicableashutosh@gmail.com'

Co-Founder & Editor-In-Chief
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