August 8, 2020
  • facebook
  • twitter
  • linkedin
ticket with QR in Indian railway

COVID-19: जानिए क्या है भारतीय रेलवे की ‘Ticket With QR Code’ सुविधा?

कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिए भारतीय रेलवे सुरक्षा के तमाम नए उपायों को अपना रहा है। ऐसे में लोगों के बीच कम संपर्क रखने के लिए टिकट काउंटर और ट्रेन के भीतर एक नया नियम लागू होने वाला है। भारतीय रेलवे ने सभी ट्रेन टिकटों में क्यूआर कोड सिस्टम लागू करने का फैसला कर लिया है। बहुत जल्द आपको रेल में सफर करने के लिए टिकट नहीं क्यूआर कोड की ही जरूरत पड़ेगी। टिकट चेक करने के लिए क्यूआर कोड को स्कैन किया जाएगा। यह सुविधा ट्रेन टिकट के साथ साथ प्लेटफॉर्मों के टिकट पर भी लागू होगा।

अपने आधिकारिक बयान में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बताया कि करीब 85 प्रतिशत से ज्यादा टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक हो रही है। इन टिकटों पर क्यूआर कोड सिस्टम लागू करना आसान प्रक्रिया है। लेकिन उनका क्या जो ऑफलाइन टिकट प्लेटफ़ॉर्म से खरीदते है? क्या उनमें भी क्यूआर कोड सिस्टम लागू लोग?

आइए समझते है पूरी जानकारी :-

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के अनुसार आईआरसीटीसी के द्वारा ऑनलाइन टिकट बुक करने के बाद यात्री के मोबाइल फ़ोन पर एक मेसेज प्राप्त होगा और उस मैसेज में एक लिंक भी दिया जाएगा जिसे खोलते ही क्यूआर कोड दिखेगा और फिर उसे ट्रेन में स्कैन कर लिया जाएगा। रेलवे बोर्ड के अधिकारी के अनुसार यह सुविधा ऑफलाइन टिकट पर भी लागू होने वाली है। ऑफलाइन टिकट वाली यात्रियों को भी मोबाईल पर एक लिंक प्राप्त होगा जिससे वह क्यूआर कोड आसानी से खोल सकते है।

हवाई अड्डे की ही तरह सभी यात्रियों के लिए स्टेशन पर प्रवेश करते ही संपर्क रहित टिकट की जांच करने की प्रक्रिया के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के प्रयागराज जंक्शन स्टेशन पर शुरू किया गया है।

जब यात्री स्टेशन परिसर में घुसेगा तो उसके टिकट का क्यूआर कोड एक मोबाइल ऐप के जरिए स्कैन किया जाएगा। यह सॉफ्टवेयर के डेटाबेस में अपडेट हो जाएगा। इस ऐप में रियल टाइम के साथ क्यूआर कोड के स्कैनिंग का समय भी अपडेट हो जाएगा। इसके साथ ही भारतीय रेल संपर्क रहित करने के लिए सेल्फ चेक इन काउंटर भी बनाएगा। इसके साथ ही यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से पहले थर्मल चेकिंग से भी गुजरना होगा।

इसके साथ ही ऑनबोर्ड टिकट चेकिंग स्टाफ को भी यात्रियों के बारे में जानकारी मिलेगी। उनकी हैंडहेल्ड मशीन पर सारी जानकारी दी जाएगी। इसमें हर कोच में बर्थ की संख्या, अनबुक्ड बर्थ और बोर्डिंग पासेज की संख्या शामिल है।

क्यूआर कोड टिकट सिस्टम लागू होने के बाद से भारतीय रेल की पेपर रहित यात्रा सेवा को काफी सफलता मिलेगी। हालांकि तुरंत पूर्ण रूप से इसे पेपर लेस नहीं किया जाएगा। लेकिन आने वाले समय में धीरे धीरे कर के सभी जगह यह पेपर रहित हो जाएगा ऐसी संभावना ज्यादा दिख रही है। यादव का कहना है कि रेलवे अभी पूरी तरह पेपरलेस होने की योजना नहीं बना रहा है। लेकिन रिजर्व्ड, अनरिजर्व्ड और प्लेटफॉर्म टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पेपर का इस्तेमाल घटाया जाएगा।उन्होंने बताया कि सबअर्बन कार्ड्स और कोलकाता मेट्रो कार्ड्स के ऑनलाइन रिचार्ज की सुविधा शुरू हो चुकी है।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने यह भी कहा कि आईआरसीटीसी की वेबसाइट का पूरी तरह नवीनीकरण किया जाएगा और प्रक्रिया को और भी सरल और सुविधाजनक बनाया जाएगा। इसे होटल और भोजन की बुकिंग के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) के साथ साझेदारी भी की है जिसके तहत ट्रेनों की सैटेलाइट द्वारा निगरानी की जा सकेगी। इससे ट्रेनों की लोकेशन और स्पीड के बारे में रियल टाइम डेटा मिलेगा।

Abhinav Narayan is presently a student of Law from Amity Law School, Noida; and is a vastly experienced candidate in the field of MUNs and youth parliaments. The core branches of Abhinav's expertise lies in Hindi writing, he writes Hindi poems and is a renowned orator. He is currently the President of the Hindi Literary Club, Amity University.
  • facebook

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *