‘प्रतिद्वंदी कंपनियों’ से ज्यादा ‘साइबर अपराधियों’ से मिल रही चुनौती: विजयशेखर शर्मा (Paytm)

इंटरनेट आधारित बढ़ती सेवाओं की बात करें तो उसमें सबसे ऊपर डिजिटल लेनदेन और डिजिटल बैंकिंग शामिल होती है, जो लगभग दुनिया और साथ ही भारत में भी एक बड़ी हिस्सेदारी रखती है

लेकिन डिजिटल लेनदेन की आसान सुविधा के साथ ही साथ इसके कुछ अपने खतरे भी हैं जिनकों ‘साइबर अपराध’ का नाम दिया गया है। और ये साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहें हैं जो डिजिटल लेनदेन और बैंकिंग सेवा प्रदाताओं के लिए भी एक बड़ी व्यापक चुनौती बन चुकें हैं।

और इसी बात को मानते हुए Paytm के सीईओ विजय शकर शर्मा ने Walmart, Google और Amazon जैसे वैश्विक खिलाड़ियों के साथ भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी इस साइबर अपराध की चुनौती से कम बताया।

जी हाँ! विजय शेखर शर्मा ने ET को दिए एक इंटरव्यू में कहा,

“जरूरी नहीं कि बड़ी पूंजी रखने वाले दिग्गज ही युद्ध जीतें। Microsoft ने कभी Serach युद्ध नहीं जीता। Search ने कभी Social युद्ध नहीं जीता। Social ने कभी Messaging युद्ध नहीं जीता।”

“और मैं शर्त लगा सकता हूं कि उपरोक्त में से कोई भी डिजिटल भुगतान युद्ध जीतने वाला नहीं है।”

शर्मा ने आगे कहा

“हालांकि, इस प्रतिस्पर्धा ने भारत में भारी निवेश किया जा रहा है, लेकिन इनमें से किसी ने भी Paytm की बाज़ार हिस्सेदारी को प्रभावित नहीं किया है।”

“भारत की डिजिटल भुगतान बाजार में हिस्सेदारी बढ़ रही है। और इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में, भारत अधिक डिजीटल देश होगा। यह संभावनाओं का अवसर बहुत बड़ा है और इसलिए बाज़ार में कई खिलाड़ी होंगे।”

NITI Aayog की रिपोर्ट में 2023 तक भारत के डिजिटल भुगतान उद्योग का मूल्यांकन $1 ट्रिलियन तक के होने का अनुमान लगाया गया है।

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इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2018 में डिजिटल भुगतान क्षेत्र के मूल्यांकन में 10% की वृद्धि 2023 तक बढ़कर 25% तक हो जाएगी। वहीँ कंपनी की सेवाओं के बारे में बात करते हुए शर्मा ने कहा

“जहां अन्य खिलाड़ी पीयर-टू-पीयर मनी ट्रांसफर की सुविधा के लिए यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (UPI) का उपयोग कर रहे हैं, वहीं Paytm का बिजनेस मॉडल मर्चेंट पेमेंट को लेकर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है।”

इस बीच Paytm के संस्थापक ने खुद दावा किया कि वर्तमान में Paytm प्रति माह 600 मिलियन डॉलर से अधिक मर्चेंट पेमेंट लेनदेन कर रहा है। जी हाँ! यह आकंडा प्रति माह में है।

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हालांकि इस बीच नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के अनुसार, सितंबर में UPI लेनदेन 955.02 मिलियन डॉलर तक दर्ज किया गया, जो अगस्त में 918.35 मिलियन डॉलर की तुलना में 4% की वृद्धि दर्ज करता नज़र आया।

UPI पेमेंट पर बोलते हुए शर्मा ने कहा,

“UPI पर सभी ऐप्स को एक साथ रखा गया है, जिसमें $150 मिलियन मासिक भुगतान क्षमता है। हमारे पास Paytm पर UPI, अन्य Wallet, Card और Cash के माध्यम से $390 मिलियन से $400 मिलियन लेनदेन की क्षमता है।”

“अरबों डॉलर खर्च करने के बाद Google Pay और Walmart का PhonePe हमें छू नहीं सकें हैं।”

इसके साथ ही डिजिटल भुगतान के भविष्य के बारे में बात करते हुए, शर्मा ने कहा

“जैसे-जैसे बाजार परिपक्व हो रहा है उसी रफ़्तार से साइबर अपराध भी भी बढ़ता जा रहा है। और इसलिए हमारी जैसी भुगतान कंपनी के लिए प्रतियोगिता किसी अन्य भुगतान कंपनी से नहीं बल्कि साइबर अपराधियों से है।”

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नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं | Founder & Editor-In-Chief (TechSamvad)
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