eKart बना ई-कॉमर्स में सबसे बड़ा लॉजिस्टिक फर्म; इस साल कमाया 4,422 करोड़ रुपये का राजस्व

ई-कॉमर्स दिग्गज Flipkart ने भारत में मौजूद अन्य ई-कॉमर्स खिलाड़ियों के विपरीत ई-कॉमर्स के सबसे चुनौतीपूर्ण मसले लॉजिस्टिक को पूरा करने के लिए इन-हाउस समाधान eKart की स्थापना की थी।

eKart को अक्सर Flipkart के एक गुप्त हथियार के रूप में देखा जाता रहा है जो इसको Snapdeal और Amazon सहित अन्य ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस पर बढ़त प्रदान करता है।

Flipkart को इसकी इन-हाउस लॉजिस्टिक सेवा का हमेशा से ही फायदा मिलता रहा है। और अब eKart भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स केंद्रित लॉजिस्टिक कंपनी बन चुकी है।

आपको बता दें Instakart के स्वामित्व वाली eKart ने इस साल वित्त वर्ष 19 में राजस्व में 78% की बढ़ोतरी के साथ 4,422.2 करोड़ रुपये का आँकड़ा छू लिया है। आपको बता दें वित्तीय वर्ष 18 में यह आँकड़ा 2,488.7 रुपये था।

साथ ही दिलचस्प यह है कि इसके परिचालन राजस्व का लगभग 88.8% भारत में Walmart के स्वामित्व वाली Flipkart Group की कंपनियों के लिए सामानों की डिलीवरी से आया है।

इसके साथ ही बाकी का 11.02% Group को गोदाम सेवाएं प्रदान करने से अर्जित किया गया है।

वहीँ इस 2,019.3 करोड़ रुपये की इस शानदार छलांग के साथ इससे eKart के घाटे की भी भरपाई करने में मदद मिली है जो वित्त वर्ष 19 में 41% घटकर 293.6 करोड़ रुपये रह गया है। आपको बता दें वित्त वर्ष 18 में यह आँकड़ा 500.1 करोड़ रुपये था।

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आपको बता दें कंपनी का कर्मचारी लाभ खर्च भी 359.5 करोड़ रुपये से 45% बढ़कर 521.3 करोड़ रुपये हो गया। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 19 में 1,128.6 करोड़ रुपये की अनुबंधित सेवाओं को आउटसोर्स किया, जो वित्त वर्ष 18 के 611.3 करोड़ रुपये की तुलना में 85% अधिक है।

वित्तीय वर्ष 19 में ekart ने अपनी बैलेंस शीट में 1,064 करोड़ रुपये की वर्तमान देनदारियों को जोड़ा है, जिससे उसे पिछले वित्त वर्ष में 956.1 करोड़ रुपये के सकारात्मक शुद्ध परिचालन नकदी प्रवाह को प्राप्त करने में मदद मिली।

वैसे अगर हम FY19 के दौरान भारत में कुल ई-कॉमर्स केंद्रित लॉजिस्टिक कंपनियों को देखें, तो eKart सबसे बड़ी आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक कंपनी बनकर उभरी है।

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SoftBank समर्थित Delhivery ने इस साल 1,781 करोड़ रुपये के घाटे के साथ 1,695 करोड़ रुपये का राजस्व ही दर्ज किया है। दूसरी ओर Ecom Express ने 1,006 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज करने के साथ 130 करोड़ रुपये का घाटा भी सहा है।

इसलिए आंकडें साफ़ दर्शाते हैं कि वित्त वर्ष 19 में भारत में eKart सबसे बड़ी ई-कॉमर्स केंद्रित लॉजिस्टिक फर्म रही।

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नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं | Founder & Editor-In-Chief (TechSamvad)
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