July 1, 2020
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Google और Apple ने भारत सरकार के सामनें रखा कॉन्टैक्ट-ट्रेसिंग तकनीक को लेकर साझेदारी का प्रस्ताव: रिपोर्ट

Google Android और Apple iOS के हालिया अपडेट्स में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग API (Application Programme interface) के शामिल होने की बात की गई है जो ऐप को आपकी गतिविधियों के बारे में जानकारी देता है और आपपर निगरानी भी रखता है। इसके साथ ही यह आपके आसपास कोरोना वायरस से संक्रमितों से सावधान रहने के लिए सचेत करता है। हालांकि आपको ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि निगरानी करने वालों में सिर्फ़ API अकेले नहीं है।

API केवल एक एनाबलिंग टूल है जो कि एक ऐप में एंबेडेड होता है जैसा कि आरोग्य सेतु ऐप और अन्य ऐप आपके फ़ोन में मौजूद है। अगर सरकार इसपर कुछ फ़ैसला लेती है तो यह आपके लोकेशन को मॉनिटर करेगी और आपको Google अथवा Apple फ़ोन पर किसी भी नजदीकी संक्रमण के लिए अलर्ट नोटिफिकेशन भी भेजेगी।

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ सूत्रों ने कहा कि Google और Apple को इस मामले में यह समझ चुकी है कि API को आरोग्य सेतु ऐप से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क किया गया था, लेकिन इसके लिए इसमें बहुत ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि आरोग्य सेतु के पास इन बिल्ट कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग API मौजूद है और इसी वजह से इसमें इसकी ज़रूरत नहीं है। Apple और Google ने इस मामले पर अभी तक कोई भी जवाब नहीं साझा किया है।

यूजर्स को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं यह उनके गतिविधियों पर न नज़र रखें जिससे उनकी प्राइवेसी ख़तरे में पड़े और इससे उनकी गोपनीयता का भी उल्लंघन होगा।

API मुख्य रूप से Google और Apple द्वारा एक संयुक्त पहल का एक हिस्सा है जो कोरोना वायरस के संक्रमणों के बारे में अलर्ट करने के लिए और उसकी ट्रेसिंग को और भी सक्षम बनाने का एक नवीनतम ऑपरेटिंग सिस्टम उपकरण है। इसे मुख्य रूप से नए रूप में एंबेडेड किया गया है। दुनिया भर के 20 से ज्यादा देश Apple और Google द्वारा विकसित इस API का उपयोग अपने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ऐप में कर रहे है।

हालांकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने API के बारे में चिंताएं व्यक्त की है कि इसके इस्तेमाल से उन्हें काफी डर लग रहा है। उनका कहना है कि यह उनके प्राइवेसी को ब्रीच कर रहा है और उनकी गोपनीयता का भी उल्लंघन हो रहा है। आरोग्य सेतु ऐप के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग फंक्शन और ग्राहक डेटा के उपयोग के चलते काफी विरोध का सामना करना पड़ा और जिसके बाद लोगों की ऐसी प्रतिक्रिया अाई।

API की स्थिति की जांच करने के लिए सबसे पहले Apple के उपयोगर्ताओं को सेटिंग पर जाने की आवश्यकता होती है। उसके बाद प्राइवेसी सेटिंग पर जाकर हेल्थ को सेलेक्ट करना होगा। उसके बाद सबसे उपर यूजर्स को ‘COVID 19 Exposure Logging’ पर जाना होगा जो अभी के समय में सहायक ऐप की अनुपस्थिति की वज़ह से इस्तेमाल में नहीं है। इसी तरह अगर आप Android यूजर्स है तो आपको सबसे पहले अपने फ़ोन के सेटिंग में जाना होगा उसके बाद Google पर क्लिक करना होगा और फिर आपको ‘Covid 19 Exposure Notifications’ दिखेगा । Android ग्राहक इसका इस्तेमाल Samsung, Oppo, Xiaomi, Vivo, OnePlus जैसे स्मार्टफ़ोन में कर सकते है।

अप्रैल के दूसरे हफ़्ते में जब उन्होंने इसकी घोषणा की थी। एक वैश्विक स्तर पर दिए गए बयान में Apple और Google ने संयुक्त रूप से कहा था कि API संयुक्त रूप से ब्लूटूथ तकनीक के उपयोग को सक्षम करने के लिए सरकारों और स्वास्थ्य एजेंसियों को इस वायरस के प्रसार को कम करने में मदद करने के लिए विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही यूजर्स के प्राइवेसी और सिक्योरिटी को भी डिजाइन करते समय ध्यान में रखा गया है। उन्होंने इस बात पे भी जोर दिया था कि इस प्रयास में गोपनीयता, पारदर्शिता और सहमति इन तीनों पर अत्यधिक महत्व दिया गया है और हम इच्छुक स्टेक होल्डर्स के परामर्श से इस कार्य क्षमता का निर्माण करने के लिए काफी तत्पर भी है।

जब Android फ़ोन को चेक किया गया तो API के तरफ़ से रेस्पॉन्स आया कि आपका फोन का ब्लूटूथ सुरक्षित रूप से आपके नजदीक में इस्तेमाल की जाने वाली दूसरे फ़ोन से रैंडम आईडी को साझा करता है और उसका उपयोग करता है। 14 दिनों बाद यह रैंडम आईडी खुद डिलीट हो जाती है।

Abhinav Narayan is presently a student of Law from Amity Law School, Noida; and is a vastly experienced candidate in the field of MUNs and youth parliaments. The core branches of Abhinav's expertise lies in Hindi writing, he writes Hindi poems and is a renowned orator. He is currently the President of the Hindi Literary Club, Amity University.
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