Google ने किया बेंगलुरु में ‘Google Research India’ नामक AI लैब बनाने का ऐलान

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से दुनिया भर में फैलते हुए, प्रौद्योगिकी और ज्ञान में अपनी सीमा का विस्तार कर रहा है। जो शायद भविष्य की जरूरत भी है?

बहरहाल वैश्विक अर्थव्यवस्था में आज के समय डिजिटल अर्थव्यवस्था और नई एआई प्रौद्योगिकियों का प्रसार एक अविश्वसनीय रूप से हुआ है।  तेज और इसी को अब भारत में भी आगे बढ़ाते हुए Google ने आज एक बड़े कदम की घोषणा की।

जी हाँ! Google ने आज बेंगलुरु में एक AI लैब शुरू करने की अपनी योजना का ऐलान किया, जिसको ‘Google Research India’ के नाम से जाना जाएगा।

और दिलचस्प यह है कि यह केंद्र न केवल भारत के लिए बल्कि बाकी दुनिया के लिए भी उत्पाद बनाने के मकसद के साथ लॉन्च किया गया है।

एसोसिएशन फॉर कंप्यूटिंग मशीनरी (MCM) के पार्टनर मनीष गुप्ता के नेतृत्व में इस लैब का संचालन किया जाएगा। जैसा कि आज Google for India कार्यक्रम में घोषणा की गई है, उसके लिहाज़ से यह केंद्र दो प्रमुख फ़ोकस के साथ काम करेगा।

READ  Apple ने महिला उद्यमियों के लिए पेश किया 'ऐप डेवलपमेंट शिविर'

पहले तो एक मजबूत टीम के निर्माण और देश भर के अनुसंधान समुदाय के साथ साझेदारी करके मौलिक कंप्यूटर विज्ञान AI रिसर्च को आगे बढ़ना। और  दूसरा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी समस्याओं से निपटने के लिए इस रिसर्च को लागू करना है।

महत्वपूर्ण यह भी रहा कि इस योजना में Google ने AI for Social Good के डायरेक्टर Milind Tambe को भी साथ लिया है। वह रिसर्च संबंधी प्रयासों में केंद्र के लिए एक अहम भूमिका निभाने का काम करेंगें।

इस बीच हम आपको बता दें कि यह लैब Google के वैश्विक नेटवर्क शोधकर्ताओं का हिस्सा होगा और सम्मेलनों में भी भाग लेगा। वैज्ञानिक पत्रों में शोध प्रकाशित कर, एक दूसरे के साथ निकटता से सहयोग करने की दिशा में भी कार्य करते नज़र आयेंगें।

आपको बता दें दो साल पहले Google ने बेंगलुरु स्थित एआई स्टार्टअप, Halli Labs का अधिग्रहण किया था। Halli Labs मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और एनएलपी तकनीकों का उपयोग करके मुख्य रूप से पारंपरिक समस्याओं का समाधान विकसित करने हेतु गूगल की Next Billion Users टीम में शामिल किया गया।

ऐसे समय में जब AI को काफी तेजी से अपनाया और इसके विकास में जोर दिया जा रहा है, ऐसे में Google का यह महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट भारत में क्या वाकई कुछ सकारात्मक परिवर्तन लाने में सफ़ल हो पायेगा, यह देखने वाली बात है।

हालाँकि इस बीच हम आपको याद दिला दें कि AI तकनीक ने हाल के वर्षों में भारत सरकार और तकनीकी समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। वित्त मंत्री, निर्मला सीतारमण ने अपने पहले बजट भाषण में कहा था कि सरकार एआई, आईओटी, बिग डेटा, 3 डी प्रिंटिंग, वर्चुअल रियलिटी और रोबोटिक्स जैसे नए-पुराने कौशल पर ध्यान केंद्रित करेगी।

पिछले साल, NITI Aayog ने कृषि, शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े क्षेत्रों में AI समाधानों की पहचान की थी और इनके समाधान के लिए इस तकनीक को प्रात्साहित करने का भी कार्य किया था।

Loading...

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं | Founder & Editor-In-Chief (TechSamvad)
  • facebook
  • twitter
  • linkedIn
  • instagram

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *