क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह रोक लगाने पर विचार कर रही है सरकार

  • by Yogesh
  • April 29, 2019

सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocarcity) पर प्रतिबंध लगाने और आधिकारिक डिजिटल मुद्राओं को विनियमित करने के लिए एक अंतर मंत्रालयी परामर्श को बंद कर दिया है।

वहीं इस मामले में एक सरकारी अधिकारी ने क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocarcity) के प्रतिबंध के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित सरकारी विभागों को यह जानकारी दी गई थी कि सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocarcity) के खिलाफ नियम तैयार करने के लिए पिछले साल वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के प्रतिनिधित्व में एक टीम का गठन किया गया था।

वहीं क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध के इस फैंसले का केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क (CBIC) और निवेशक शिक्षा और सुरक्षा निधि प्राधिकरण (IEPFA) सहित कई सरकारी विभागों ने समर्थन किया। इस मामले को लेकर एक सरकारी अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि ” क्रिप्टोकरेंसी की बिक्री, खरीद  सहित जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए”। वहीं  अब मई के अंत में चुनावों के बाद कार्यभार संभालने वाली सरकार के द्वारा क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध  लगाने को लेकर एक अंतिम कानून प्रस्तावित किया जाएगा।

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वहीं इस मामले को लेकर डीईए, (DEA) सीबीडीटी,(CBDT) सीबीआईसी (CBIC) और आईईपीएफए (IEPFA) ​​के प्रतिनिधियों का मानना ​​है कि क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocarcity)  के खिलाफ कार्रवाई करने में अब बहुत देर हो चुकी है। तथा क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocarcity) की बिक्री, खरीद और जारी करने पर तत्काल प्रतिबंध लगाना बहुत ही आवश्यकता है।

वहीं इस समिति ने यह भी कहा कि क्रिप्टोकरंसी (Cryptocarcity) का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा सकता है, इसलिए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत इसे प्रतिबंधित की जा सकती है।  

वहीं इस मामले को लेकर कॉरपोरेट मंत्रालय ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocarcity) जैसे बिटकॉइन, (Bitcoin) एथेरियम (etherium)और कैशकॉइन (cachecoin) आदि की बिक्री खरीद और जारी करने का काम बड़े पैमाने पर रिटर्न मिलने की अपवाह फैलाकर किया जा रहा है। इस तरह की योजनाएं न तो पारदर्शी होती हैं और न ही ये किसी विनिमय कानून के दायरे में आती हैं।

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वहीं कॉरपोरेट मंत्रालय ने यह भी कहा कि निवेशकों को धोखा देने के लिए क्रिप्टोकरंसी (Cryptocarcity) का उपयोग करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है।

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