भारत सरकार का आदेश, आपसे बिना पूछे आपका कंप्यूटर चेक कर सकती हैं ये 10 एजेंसियां

बढ़ते डिजिटल दौर में यूजर प्राइवेसी सबसे बड़ा विषय बनती जा रही है को लेकर बड़ी खबर है। हर कोई अपने अपने डिवाइस और डेटा को लेकर काफी सजग रहना चाहता है।

और शायद ही कोई हो जो अपना निजी डेटा सार्वजनिक रूप से बिना इजाज़त दूसरों से साझा करना चाहे। लेकिन अब भारत सरकार ने एक हैरान करने वाला और काफ़ी अजीब फ़ैसला किया है।

आज एक फैसले के तहत भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी करते हुए 10 एजेंसियों को यह अधिकार दिया है कि वह बिना उपयोगकर्ता की सहमति के देश के किसी भी कम्प्यूटर का डेटा चेक कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार से उपयोगकर्ता की कोई सहमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

इन 10 केंद्रीय एजेंसियां अब किसी भी कंप्यूटर में मौजूद, रिसीव और स्टोर्ड डेटा समेत किसी भी जानकारी की निगरानी, इंटरसेप्ट और डिक्रिप्ट कर सकने की अनुमति सरकार ने दी हैं।

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इन अनुमति प्राप्त एजेंसियों में इंटेलिजेंस ब्यूरो, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, सेंट्रल टैक्स बोर्ड, राजस्व खुफिया निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो, राष्ट्रीय जांच एजेंसी, कैबिनेट सचिवालय (आर एंड एडब्ल्यू), डायरेक्टरेट ऑफ सिग्नल इंटेलिजेंस (जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और आसाम के क्षेत्रों के लिए) और पुलिस आयुक्त, दिल्ली जैसी सरकारी संस्थाओं का नाम शुमार है।

इस बीक हम आपको बता दें इस नए आदेश के अनुसार सभी सब्सक्राइबर या सर्विस प्रोवाइडर और कंप्यूटर मालिकों को जांच एजेंसियों को तकनीकी सहयोग देना होगा। अगर वह ऐसे नहीं करते हैं तो उन्हें 7 साल की सज़ा के साथ ही जुर्माना भी अदा करना होगा।

आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि गृह मंत्रालय ने IT Act, 2000 के 69 (1) के तहत यह आदेश दिया है।

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उपरोक्त एक्ट के अनुसार भारत की एकता और अखंडता के साथ ही देश की रक्षा और शासन व्यवस्था बनाए रखने के लिये अगर जरूरी लगे तो केंद्र सरकार किसी एजेंसी को जांच के लिए आपके कंप्यूटर को एक्सेस करने की इजाजत दे सकती है।

खैर! इस फैसले के बाद से इसका विरोध शुरू हो गया है। जहाँ देश में विपक्षी पार्टियों ने इसको उपयोगकर्ता प्राइवेसी के साथ बड़ा समझौता बताया है। वही कई उपयोगकर्ता ट्विटर व अन्य माध्यमों पर अपना रोष प्रकट रहें हैं।

इस बीच आप भी हमें नीचे कमेंट बॉक्स में बताएं कि इस फैसले को लेकर आपकी क्या राय है?

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नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं | Founder & Editor-In-Chief (TechSamvad)
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