August 3, 2020
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#लॉकडाउन: कर्मचारियों की छंटनी करने वाली कंपनियों की लिस्ट में अब IBM भी शामिल

आज देश कोरोना महामारी का डंक जबरदस्त तरीके से झेल रहा है। लोगों के पास कोई और विकल्प मौजूद नहीं है। ऐसी विषम परिस्थितियों में निजी कंपनियां भी अपने अपने हाथ खड़े करती नज़र आ रही है। विश्व प्रसिद्ध कंपनी IBM (आईबीएम) भी कर्मचारियों की छंटनी के मामले अन्य कंपनियों की कतार में खड़ी हो गई है। बहरहाल IBM ने कर्मचारियों की छंटनी के विषय पर बोलने से साफ़ इंकार किया है। लेकिन अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह बताया गया है कि क़रीब करीब 1000 कर्मचारियों को बाहर निकाला गया है जो कि अपने आप में बहुत बड़ा आंकड़ा है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इससे न सिर्फ़ बाहर रहने वाले लोगों पर असर पड़ेगा बल्कि भारत के करीब 100 कर्मचारियों पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार यह भी कयास लगाए जा रहे है कि कंपनी कर्मचारियों को तीन महीने का मूल वेतन भी देगी। इस मामले में किसी भी बयान से फिलहाल कंपनी बचती दिख रही है। लेकिन सूत्रों की मानें तो इससे बहुत ज्यादा संख्या में लोग प्रभावित होने वाले है।

अरविंद कृष्ण के नेतृत्व वाली तकनीक में मामले में सबसे उम्दा कंपनी IBM पर भी कोरोना का मार साफ़ साफ़ देखने को मिल रहा है। कंपनी ने कर्मचारियों की छंटनी की जानकारी देर रात मीडिया को दिए एक बयान में इस बात की पुष्टि की।

TNM की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के एक प्रवक्ता के द्वारा कहा गया कि वर्तमान हालात और स्थिति को देखते हुए यह व्यवसायिक फैसला कंपनी के हित में लिया गया है। आने वाले जून 2021 तक हम इससे प्रभावित हुए कर्मचारियों को कम कीमत पर मेडिकल सुरक्षा मुहैया करवाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हम हमेशा वर्तमान स्थिति और माहौल को साथ लेकर चलते है। हमारे द्वारा लिया गया फ़ैसला कंपनी के भविष्य के लिए हितकारी है। अत्यधिक प्रतिस्पर्धा वाले बाजारों में उच्च कौशल की काफी आवश्यकता होती है।

आपको बताते चले कि Ars Technica की एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि Hewlett-Packard Enterprise (HPE) और IBM दोनों कंपनियों ने अपने अपने लागत को कम करने के लिए उसमें कटौती के महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा भी कर दी है।

Moor Insights & Strategy के प्रमुख विश्लेषक Patrick Moorhead ने TechCrunch के हवाले से कहा कि IBM कई संसाधनों के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में आप कुछ लोगों को कंपनी से बाहर निकालते है जिनके पास कौशल और क्षमता नहीं होती है जिसकी आपको आज के समय में सबसे ज्यादा जरूरत होती है। और फिर उनके स्थान पर कुछ लोगों को लाते है जिनके पास काम करने का तरीका और हुनर मौजूद हो। इस लिहाज़ से कुल मिलाकर देखा जाए तो काम करने वाले लोगों के दम पे ही कंपनी का विकास संभव है न कि लोगों की संख्या के ऊपर।

आज यह बात साफ़ हो चली है कि इस महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। देश ही नहीं दुनिया की एक से बढ़कर एक कंपनी अपने आप को लाचार और बेबस समझ रही है। आने वाले समय में ऐसे और भी समाचार आपको सुनने के मिलेंगे। कर्मचारियों की कंपनी से छंटनी अब दिन प्रतिदिन देखने को मिल रही है। आने वाले वक़्त में यह कह पाना बेहद कठिन होगा कि इस हालात से निपटने में कंपनियां और उससे जुड़े कारोबार कबतक पटरी पर लौटेंगे ? यह सवाल अपने आप में एक प्रश्नचिन्ह है ।

Abhinav Narayan is presently a student of Law from Amity Law School, Noida; and is a vastly experienced candidate in the field of MUNs and youth parliaments. The core branches of Abhinav's expertise lies in Hindi writing, he writes Hindi poems and is a renowned orator. He is currently the President of the Hindi Literary Club, Amity University.
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