August 8, 2020
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unsecured database

भारत है दुनिया के सबसे अधिक Unsecured Databases के गढ़ में से एक: रिपोर्ट

NordPass के साइबर सिक्योरिटी शोधकर्ताओं ने अध्ययन करते हुए एक जानकारी साझा की है जिसमें मुख्य रूप से यह बताया गया है कि कौन से प्रकार के यूजर डेटा ऑनलाइन उपलब्ध है। कुल मिलाकर शोधकर्ताओं ने उस अध्ययन में यह पाया कि पूरे विश्व में कुल 9,517 असुरक्षित डेटाबेस मौजूद है जिसमें कुल 10,463,315,645 प्रविष्टियां मौजूद है। इसके साथ ही असुरक्षित डेटाबेस में मुख्य रूप से लोगों के ईमेल, फोन नंबर और पासवर्ड है।

रिपोर्ट के मुताबिक जिन डेटाबेस की जानकारी उजागर की गई है उसमें मुख्य रूप से 20 देशों की जानकारी है। इन देशों में भारत, चीन और अमेरिका प्रमुख है। कुछ दिन पहले ही अमेरिकी थिंक टैंक के नए डेटा के सुझाव में यह बात सामने आई थी कि भारत साइबर हमलों का तीसरा सबसे बड़ा शिकार है। इसके एक दिन बाद ही यह रिपोर्ट सामने आई है।

इसके साथ ही इस सूची में चीन पहले नंबर पर बरकरार है। चीन के कुल 3794 असुरक्षित डेटाबेस इस सूची में शामिल है। चीन के लगभग 2,629,383,174 लोगों की व्यक्तिगत जानकारी को उजागर किया गया है। दूसरे स्थान पर संयुक्त राज्य अमेरिका है जिसकी कुल 2,703 असुरक्षित डेटाबेस इस सूची में शामिल है। अमेरिका के कुल 2,397,583,255 लोगों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध है। इसके बाद इस सूची में तीसरे स्थान पर भारत है। भारत की कुल 520 असुरक्षित डेटाबेस को उजागर किया गया है और उसमें कुल 4,878,723 लोगों की व्यक्तिगत जानकारी को उजागर किया गया है। इसमें मुख्य रूप से ईमेल, पासवर्ड और फोन नंबर शामिल है।

हालांकि इस डेटा में से कुछ डेटा ऐसे भी है जिसका इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ किसी परीक्षण के लिए इस्तेमाल किया गया हो। लेकिन अगर इस डेटा को उजागर किया गया है तो यह काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। पिछले कुछ सालों में सबसे बड़े डेटा लीक हुए है जिसे उजागर किए गए डेटाबेस से ही लिए गए है। इसके साथ ही लाखों की संख्या में Facebook के रिकॉर्ड को Amazon के सर्वर पर उजागर भी किए गए है।

एक अन्य मामले में असुरक्षित डेटाबेस ने 80 मिलियन अमेरिकी परिवारों की जानकारी को उजागर किया। इस डेटा में लोगों का पता, आय का ब्यौरा, शादी की जानकारी भी शामिल थी। इसके साथ ही सबसे ज्यादा चिंता का विषय यह है कि यह जानकारी और डेटा किसी हैकर के द्वारा लीक नहीं किया गया था बल्कि यह डेटा सार्वजनिक डेटाबेस में मौजूद था।

NordPass ने कहा है कि उजागर किए गए डेटाबेस की जानकारी प्राप्त करने के लिए White Hat Hackers की मदद ली गई। हैकर ने इलास्टिक सर्च और mongoDB लाइब्रेरी को स्कैन किया फिर असुरक्षित तथा उजागर हुए डेटाबेस की तरफ ध्यान दिया। उसके बाद जब यह जानकारी मिल गई तो फिर उनसे सार्वजनिक डेटाबेस में जाकर उसको खंगाला। फिर उसने देखा कि कौन सी जानकारी वहां उपलब्ध है। उसके बाद उसने NordPass के साथ उजागर की गई जानकारी और डेटाबेस को साझा किया को उसे प्राप्त हुए थे।

Abhinav Narayan is presently a student of Law from Amity Law School, Noida; and is a vastly experienced candidate in the field of MUNs and youth parliaments. The core branches of Abhinav's expertise lies in Hindi writing, he writes Hindi poems and is a renowned orator. He is currently the President of the Hindi Literary Club, Amity University.
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