भारत ‘डेटा प्राइवेसी’ मुद्दों को लेकर है बेहद गंभीर, प्राइवेसी से नहीं होगा कोई समझौता: आईटी मंत्री

हाल ही में सामने आए WhatsApp सिक्यूरिटी ब्रीच के मुद्दे को लेकर नवीनतम रिपोर्टों पर केंद्र सरकार ने अपनी नाखुशी का संकेत देते हुए, सार्वजानिक तौर पर इसका ऐलान किया है। 

दरसल आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि भारत गोपनीयता के मुद्दे को बेहद गंभीरता से लेता है, विशेष रूप से सूचनात्मक गोपनीयता, और देश में किसी भी प्रकार का डेटा साम्राज्यवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार कोलंबो में राष्ट्रमंडल कानून मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए, आईटी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने भारत के दृष्टिकोण और डेटा सुरक्षा के संबंध में केंद्र सरकार की सोचा और भूमिका को  स्पष्टता व्यक्त करने की कोशिश की।

इस दौरान उन्होंने कहा;

“हम सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के युग में रह रहे हैं और डेटा डिजिटल अर्थव्यवस्था के इस दौर में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हम बहरत के डेटा प्राइवेसी के मुद्दों को लेकर बेहद गंभीर और सजग हैं और सूचनात्मक गोपनीयता भी हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण विषय है।

“हमारा मानना है कि हर एक व्यक्ति का उसके डेटा और उसके व्यावसायिक उपयोग पर नियंत्रण होना चाहिए।”

इसके साथ ही उन्होंने भारत में डेटा कानून के संपूर्ण विकास, न्यायमूर्ति श्री कृष्णा समिति की सिफारिशों, सार्वजनिक परामर्शों पर विस्तार को लेकर भी बाते कीं और बताया सरकार संसद में इस मसले पर जल्द बिल पेश करेगी।

प्रसाद ने जोर देकर कहा कि किसी भी डेटा सुरक्षा कानून में प्रौद्योगिकी का प्रयोग स्वतंत्र सहमति के तत्व पर आधारित होना चाहिए लेकिन स्वीकार्य सीमा से परे सहमति का कोई दुरुपयोग, डेटा संरक्षण इत्यादि का गाल्ट इस्तेमाल उचित नहीं है।

डेटा में नवाचार और उद्यम को संतुलित करने की आवश्यकता है, लेकिन गोपनीयता के संबंध में मंत्री ने कहा कि व्यावसायिक उपयोग और रोजगार दोनों के मामले में डेटा से अर्थव्यवस्था को जोड़ना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

साथ ही प्रसाद ने कहा कि विकासशील और अविकसित देशों में बड़ी मात्रा में डेटा उत्पन्न हो रहा है, लेकिन इसे संसाधित करने के दावे पर केवल विकसित दुनिया द्वारा जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों और कुछ देश डेटा साम्राज्यवाद द्वारा डेटा पर एकाधिकार बनाने का प्रयास कर रहें हैं जो स्वीकार्य नहीं होगा। प्रसाद ने डिजिटल इंडिया, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और डिजिटल समावेशन की भारत की पहल को लेकर भी कई जानकारियाँ दी।

इस बीच राष्ट्रमंडल महासचिव पेट्रीसिया स्कॉटलैंड ने भारत के रुख की सराहना की और डेटा प्रबंधन में देश के दृष्टिकोण का समर्थन किया।

आपको बता दें कि मैसेजिंग कंपनी WhatsApp ने हाल ही में खुलासा किया था कि एक इजरायली स्पायवेयर ने भारतीय उपयोगकर्ताओं को भी निशाना बनाया था, जिसके बाद से भारत भर में यह एक बड़ा मुद्दा बन गया।

और दिलचस्प रूप से इस विषय पर WhatsApp ने कहा है कि उसने इस स्पाईवेयर को लेकर भारत सरकार को दो बार आगाह किया था। वहीँ आईटी मंत्रालय के अधिकारियों ने कि WhatsApp की उन जानकारियों का कोई ठोस आधार नहीं था।

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नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं | Founder & Editor-In-Chief (TechSamvad)
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