July 1, 2020
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ITI-LTD

5G तकनीक को लेकर Tech Mahindra ने किया ITI Ltd के साथ टाई-अप

पब्लिक सेक्टर की टेलीकॉम उपकरण निर्माता कंपनी, आईटीआई लिमिटेड (ITI Ltd) ने अगली पीढ़ी के वायरलेस सोल्यूशन को संयुक्त रूप से विकसित करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के साथ साझेदारी की है।

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, आपको बता दें इसका ऐलान दोनों कंपनियों की ओर से शुक्रवार को ही किया गया। दरसल आईटीआई ने टेक महिंद्रा के सॉफ्टवेयर और वायरलेस तकनीकों का उपयोग करते हुए eNodeB और 5G NR प्रोडक्ट्स के निर्माण की योजना बनाई है। वह 4G रेडियो एक्सेस नेटवर्क को बनाए रखेंगे, जो 5G तकनीक में अपग्रेड किए जाएंगे।

इस बीच आईटीआई के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर. एम. अग्रवाल ने कहा,

“दोनों कम्पनियों के बीच हुई यह साझेदारी न केवल विदेशों से दूरसंचार उपकरणों के आयात पर हमारी निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि साथ ही साथ डिफ़ेन्स कम्यूनिकेशन के लिए एक रणनीतिक नेटवर्क बनाने को लेकर भी कई पहलुओं में मदद करेगा।”

वहीं टेक महिंद्रा में कॉरपोरेट मामलों के अध्यक्ष, सुजीत बक्षी ने इस साझेदारी को लेकर कहा,

“हम टेक्नोलॉजी क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में आईटीआई के साथ यह अहम साझेदारी करके बेहद खुश हैं।”

इस बीच यह जानकारी भी सामने आयीं है कि आईटीआई अपनी Modified Electronics Manufacturing Clusters (EMC 2.0) योजना के तहत बेंगलुरु में एक इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफ़ैक्चरिंग क्लस्टर बनाने की तैयारियों में है। वहीं Livemint के ज़रिए सामने आयी एक रिपोर्ट की मानें तो आईटीआई लिमिटेड ने शुक्रवार को COVID-19 से बने हालातों का हवाला देते हुए सप्लाई चेन बाधित होने के कारण मार्च की तिमाही में ₹36.46 करोड़ के Consolidated Profit के साथ 47% की गिरावट दर्ज करने की बात कही। आपको बता दें पिछले साल इसी तिमाही में कम्पनी ने 68.74 करोड़ का लाभ दर्ज किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक़ आईटीआई लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर. एम. अग्रवाल ने संवाददाताओं को बताया;

“चीन और पड़ोसी देशों से कोविड​​-19 के चलते बनें हालातों में Components को मँगा पाना मुश्किल हो रहा है। यहाँ तक कि जो हाई मार्जिन वाले प्रोडक्ट तैयार किए गए हैं, मौजूदा हालतों में उनका शिपमेंट भी नहीं हो पा रहा है। 22 मार्च से मैन्युफ़ैक्चरिंग ऑपरेशन को पूरी तरह से रोक दिया गया है।”

हालाँकि इतना ज़रूर है कि रिपोर्ट के मुताबिक़ पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि से तुलना करें तो कंपनी के राजस्व में 2.4% की बढ़त हुई है और यह आँकड़ा पिछले साल के ₹646.76 करोड़ से बढ़कर ₹662.91 तक पहुँच गया है।

बता दें वित्त वर्ष 2019-20 में आईटीआई लिमिटेड ने Consolidated Profit के मामलें में 63% की बढ़त दर्ज की है, जो वित्त वर्ष 2018-19 में रहे ₹92.54 से बढ़कर  वित्त वर्ष 2019-20 में ₹150.86 करोड़ हो गया है।

वहीं वित्त वर्ष 2019-20 में कंपनी के कुल राजस्व में भी 12% की वृधि दर्ज की गई, और यह पिछले वित्त वर्ष में ₹2,004.84 करोड़ से बढ़कर ₹2,242.58 करोड़ तक पहुँच गया। दिलचस्प रूप से कंपनी की ओर दे आर. एम. अग्रवाल ने यह भी जानकारी दी कि

“आईटीआई ने वेंटिलेटर बनाने के लिए DRDO के साथ एक क़रार किया है। वेंटिलेटर टेस्टिंग के लिए एक हफ़्ते में तैयार हो जाएंगे। टेस्टिंग के बाद वेंटिलेटर का बड़े पैमाने पर निर्माण शुरू होगा। टेस्टिंग में क़रीब 6-8 हफ़्तों का वक़्त लग सकता है।”

उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में आईटीआई की फ़ैसिलिटी में हर महीने 5,000 वेंटिलेटर बनाने की क्षमता है। लेकिन मांग के आधार पर अन्य आईटीआई इकाइयों की भी क्षमता का उपयोग करके उत्पादन को 20,000 यूनिट तक बढ़ाया जा सकता है।

amicableashutosh@gmail.com'

Co-Founder & Editor-In-Chief
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