July 1, 2020
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कैसे भारतीय टेक स्टार्टअप्स LGBTQ+ कम्यूनिटी के लिए गढ़ रहें हैं समान अवसर की तस्वीर?

Startups की कई ख़ूबियाँ होती हैं, असल में पैसा कमानें और जॉब के अवसर पैदा करने के अलावा, कई सामाजिक मायनों में भी ये स्टार्टअप्स आने वाले कल की तस्वीर लिखते नज़र आते हैं।

दरसल अधिकांश रूप से सीधे ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले यह स्टार्टअप्स एक छोटे से बदलाव भी से समाज के कई  कई बढ़े ढाँचों को नया आकार सा दे देते हैं। ओपन कम्यूनिकेशन, फ़्लेक्सिबल टाइमिंग, ओपन प्लान सीटिंग, फ्राइडे हैप्पी आवर्स ऐसी कई चीज़ों, जिनको आज बड़ी बड़ी कॉरपोरेट कम्पनियों ने भी अपनाना शुरू कर दिया है, की बुनियाद काफ़ी हद तक स्टार्टअप्स ने ही रखी थी।

लेकिन एक और महत्वपूर्ण विषय है, जिसको लेकर पिछले कुछ सालों से चर्चा बढ़ी है और ख़ुशी इस बात की है की इसके सकारात्मक पक्ष की ओर। दरसल पिछले साल Tata Steel ने अपनी नई मानव संसाधन नीति पेश की है और LGBTQ कर्मचारियों को अपने पार्टनर्स को घोषित कर, क़ानूनी रूप से सभी मानव संसाधन लाभों की सहूलियत उठाने की अनुमति दी थी। इस ऐलान के बाद बड़ी से लेकर छोटी कम्पनियों से भी ऐसी उम्मीदें की जानें लगीं कि वह भी LGBTQ कम्यूनिटी को सामान नज़रों से देखना शुरू करें और उन्हें सामान अवसर और लाभ मुहैया करवाएँ। और ज़ाहिर है देश के स्टार्टअप एकोसिस्टम की ओर भी लोगों की नज़रें गई और वहाँ के हालतों का भी जायज़ा लिया गया।

दरसल जून 2019 में Flipkart ने इंडस्ट्री में पहली बार FlexBen Policy जैसी पॉलिसी शुरू की, जिसमें सहूलियतों का चयन करने और फ़ंडिंग आदि के लिए कर्मचारियों को और अधिक फ़्लेक्सिबिलिटी और स्वतंत्रता प्रदान की गई। इस नीति के तहत कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के आधार पर उनके लाभ पैकेज को कस्टमायज़ करने की अनुमति दी गई थी। लेकिन इसका को सबसे ख़ास और अहम पहलू रहा था वह यह कि इसमें LGBTQ+ कर्मचारियों और उनके पार्टनर्स के लिए भी पॉलिसी कवरेज प्रदान किया गया था।

दरसल साल 2018 में पहली बार जब सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता को अपराधीकरण की श्रेणी में रखें जानें वाले क़ानून को ख़त्म कर दिया, तब से कम्पनियों ने धीरे-धीरे अपनी HR पॉलिसी में बदलाव शुरू किए और साथ ही अपने कार्य करने के तरीके में भी बदलाव लाएँ और ला भी रहें हैं। पिछले साल Uber India ने अपनी एंडोर्समेंट इंक्लूसिविटी पहल के हिस्से के रूप में बेंगलुरु में RISE द्वारा आयोजित पहले LGBTQI+ जॉब फेयर के साथ पार्टनरशिप की थी।

दरसल इन स्टार्टअप्स द्वारा LGBTQ+ कम्यूनिटी को बतौर कर्मचारियों की तरह शामिल कर सामान अधिकार देना, न सिर्फ़ कम्यूनिटी के लिए नए अवसर की शुरुआत थी, बल्कि इसके साथ ही यह स्टार्टअप्स इस क़दम के ज़रिए अपने अन्य कर्मचारियों की सोच और दृष्टिकोण को बदल रहा है।

आपको बता दें ऑनलाइन फूड डिलीवरी टेक दिग्गज Swiggy ने भी कंपनी में बतौर प्रमुख कार्यक्रम प्रबंधक के रूप में एक ट्रांसजेंडर महिला, संयुक्ता विजयन को नियुक्त किया। आपको बता दें चेन्नई के रहने वाले विजयन ने पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्यूनिकेशन) में ग्रैजूएशन पूरी की है। इसके फले उन्होंने Amazon के साथ भी काम किया था।

Swiggy

यह छोटे-छोटे क़दम गढ़ रहें हैं समानता की नई तस्वीर;

कम्पनियाँ न सिर्फ़ कर्मचारियों की नियुक्ति के ज़रिए जॉब के लिहाज़ से समान अवसर पैदा कर रही हैं, बल्कि LGBTQ+ कर्मचारियों को वर्कप्लेस पर सुरक्षित और समान महसूस करने की दिशा में भी कई छोटे-छोटे क़दम उठा कर अन्य कर्मचारियों की सोच में भी बदलाव लानें की कोशिशें करती नज़र आ रहीं हैं। और यक़ीन मानिए ऐसी छोटी छोटी पहल न सिर्फ़ वर्कप्लेस पर अपनी छाप छोड़ती हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी अन्य कर्मचारियों की सोच में अहम बदलाव लाती हैं।

उदाहरण के लिए होम रेंटल स्टार्टअप, NestAway अपने हर  रेस्टरूम के दरवाजे पर काला और सफेद चिन्ह लटकता है। दरसल दरवाजों पर लगे यह संकेत ज़ाहिर करते हैं कि ‘कोई भी लिंग पहचान और अभिव्यक्ति की परवाह किए बिना इस रेस्टरूम का इस्तेमाल कर सकता है।

OTT जैसे प्लेटफ़ोर्म भी आ रहें हैं सामनें;

अगर मैं आपसे कहूँ कि इस साल भारत में पहली बार LGBT केंद्रित OTT प्लेटफ़ोर्म लॉंच हुआ है। दरसल हाल ही में ही अपनी वेबसाइट के लॉन्च के साथ भारत को अपनी पहली LGBT-केंद्रित वीडियो-स्ट्रीमिंग सेवा मिली है, जिसे EORTV का नाम दिया गया है। और जल्द ही इसकी ऐप बाज़ार में पेश की जाएगी।

EORTV का नाम असल में YOUR TV की तर्ज़ पर रखा गया है, जिसमें E आपको समानता (Equality) दर्शाता  नज़र आएगा। ख़ास बात यह है कि EORTV न केवल LGBT समुदाय को केंद्रित कर कांटेंट प्रदान करता नज़र आएगा, बल्कि साथ ही साथ उन्हें अपनी प्रतिभा को समाज के सामने लानें का मौक़ा भी देगा।

EORTV

इसके ओरिज़िनल शोज़ की लिस्ट में Love you Hamesha, Mombian, Game of the Sexes, Let There Be Love, I love Us 2 आदि नाम शुमार हैं। आपको बता दें EORTV के इग्ज़ेक्युटिव डिरेक्टर Kaushik Izardar असल में देश के कुछ नामी प्रोडक्शन कम्पनियों Viacom18 Media, ZEEL, INX Media और Fulford India Limited में एक लंबा अनुभव रखतें हैं।

दरसल यक़ीनन ऐसी तमाम कोशिशें हमारे समाज में और वर्कप्लेसेज़ में LGBTQ+ कम्यूनिटी को समान दर्जा दिलाने और उनके सम्मान की भी रक्षा करते हुए, अन्य लोगों की सोच को बदलने का काम कर रही हैं। और मैं पूरी ज़िम्मेदारी से यह कहना चाहूँगा कि धीरे धीरे ही सही लेकिन इसका सकारात्मक असर भी देखने को मिल रहा है।

amicableashutosh@gmail.com'

Co-Founder & Editor-In-Chief
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