HRD मिनिस्ट्री का कॉलेजों से ‘छात्रों के स्टार्टअप’ के लिए 1% बजट आवंटित करने का आग्रह

  • by Ashutosh Kumar Singh
  • September 13, 2019

वर्तमान सरकार देश में तेजी से स्टार्टअप कल्चर के विकास में जुटी नज़र आती रही है। और अब इसी सन्दर्भ में सरकार ने एक और पहल की है।

दरसल सरकार द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों को इनोवेशन और स्टार्टअप संबंधी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए एक ‘इनोवेशन फंड’ बनाने के लिए कहा गया है।

सरकार के इन नए दिशानिर्देशों को कल यानि 11 सितंबर को मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय द्वारा देश किया गया। इन संस्थानों को इस फंड के लिए अपने वार्षिक बजट का कम से कम 1% अलग करना होगा। इन उच्च शिक्षा संस्थानों  को सार्वजनिक धन पर निर्भरता को कम करने के लिए, सरकारी और गैर-सरकारी दोनों प्रकार के “विविध” स्रोतों से धन जुटाने के लिए कहा गया है।

साथ ही दिलचस्प यह है कि संस्थानों को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत फंडिंग के लिए निजी और कॉर्पोरेट खिलाड़ियों से संपर्क करने की अनुमति दी गई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय छात्र और संकाय स्टार्टअप नीति 2019 के दिशा निर्देशों के तहत ये नियम जारी किए हैं।

यह रूपरेखा आईआईटी मद्रास के चेयरपर्सन प्रोफेसर अशोक झुनझुनवाला के नेतृत्व में 15 सदस्यीय समिति द्वारा तैयार की गई है। नई नीतियों का उद्देश्य “छात्रों के लिए स्टार्टअप और उद्यमिता के अवसरों हेतु आदर्श शैक्षिक प्रणाली के निर्माण की है।”

दरसल इस नीति के तहत, संस्थानों को प्री-इन्क्यूबेशन और इन्क्यूबेशन सुविधाएं बनाने की भी आवश्यकता होगी, जो कि चौबीसों घंटे उपलब्ध होंगी। इन सुविधाओं तक सभी विषयों के छात्रों को पहुँच प्रदान करनी होगी। 

इन सेवाओं और सुविधाओं के बदले में, संस्थान कंपनी में 2% से 9.5% इक्विटी या हिस्सेदारी भी ले सकते हैं। स्टाफ़ और फैकल्टी कितने शेयर ले सकते हैं, इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

उत्पाद विकास और व्यवसायीकरण के साथ-साथ स्टार्टअप्स की भागीदारी और पोषण अब संस्थानों की जिम्मेदारी होगी। इस बीच हम आपको बता दें कि इन संस्थानों को इनोवेशन में शामिल छात्र उद्यमियों के लिए अपनी आंतरिक नीतियों को अपडेट करने के लिए कहा गया है।

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नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं | Founder & Editor-In-Chief (TechSamvad)
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