सबसे अधिक ‘इनस्टॉल’ होने के बाद भी ई-वॉलेट का कम हो रहा है ‘इस्तेमाल’: रिपोर्ट

एक अध्ययन के मुताबिक भारत में 85% से अधिक लोगों ने अपने स्मार्टफोनों में पेटीएम (Paytm) और मोबीक्विक (Mobikwik) जैसे  ई-वॉलेट ऐप्स इनस्टॉल कर रखें हैं।

लेकिन क्या आप सोच सकतें हैं इतने इनस्टॉल होने के बावजूद इन ई-वॉलेट का इस्तेमाल काफी हद तक अपेक्षाकृत कम है। दरसल इनस्टॉल के वक़्त लुभावने ऑफर्स और कुछ दिनों तक डिस्काउंट के चलते भले ही ये ई-वॉलेट प्लेटफ़ॉर्म लोगों को एक बार के लिए अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब हो रहें हों।

लेकिन इसके बावजूद एक फर्म द्वारा किये गये एक सर्वे के अनुसार कुछ ऐसे तथ्य सामने आये हैं, जो ई-वॉलेट के सामने की वास्तविक समस्या को उजागर कर रहें हैं।

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दरसल कैलिफोर्निया आधारित बेहवीयारल एनालिटिक फर्म, CleverTap द्वारा किये सर्वे में यह बात सामने आई है कि भारत में Churn Rate (अर्थात् शुरू के 2 हफ़्ते के भीतर कोई ट्रांजैक्शन न किया गया हो) 85% है। यह ई-वॉलेट कंपनियों के लिए एक चिंता की बात है। क्यूंकि इसका साफ सा मतबल है कि उपयोगकर्ता आपके प्लेटफ़ॉर्म से एक बार जुड़ने के बाद अगले 14-15 दिनों तक उसको इस्तेमाल नहीं कर रहिएँ हैं।

दरसल भारी विज्ञापनों,  कैशबैक, डिस्काउंट और ऑफर्स की बदौलत ग्राहकों को आकर्षित करने वाली यह कंपनियां ग्राहकों को बाँधें रख पाने में असफ़ल नज़र आ रहीं हैं।

इस बीच हम आपको बता दें कि जिस Churn Rate की ऊपर हमनें बात की वह वैश्विक स्तर पर 77% है और वहीँ यह भारत में 85% है। दरसल भारत में आज भी अधिकांश लोगों को ऑनलाइन पेमेंट इत्यादि चीज़ों पर सुरक्षा के लिहाज़ से थोडा खतरा नज़र आता है। और शायद यह भी इसकी एक वजह हो सकती है।

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शायद यही वजह से है कि इस रिपोर्ट में एक और बात सामने आई और वह यह कि लगभग 27% उपयोगकर्ता 2 हफ़्ते के भीतर ये ई-वॉलेट ऐप अन-इनस्टॉल कर देते हैं।

 

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नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं | Founder & Editor-In-Chief (TechSamvad)
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