नीलेकणि ने की RBI पैनल के सरकारी भुगतानों को डिजिटल बनाने की सिफारिश

  • by Yogesh
  • April 25, 2019

भारत में ऑनलाइन भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए, नंदन नीलेकणि की अगुवाई में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समिति ने सभी सरकारी भुगतानों को डिजिटल बनाने की सिफारिश करने की योजना बनाई है।

बता दें कि हाल ही में अनाम स्रोतों का हवाला देते हुए, एक लाइवमिंट की रिपोर्ट में कहा गया है कि “इस कदम के पीछे उन नागरिकों के बीच ऑनलाइन भुगतानों को सुनिश्चित करना है जो सरकारी लाभ प्राप्त करते हैं।” सूत्रे के अनुसार वर्तमान में, नागरिकों को वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा भुगतान जैसे सरकारी भुगतानों का 80% काम ऑनलाइन किया जाता है। लेकिन बाकी काम को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

बता दें कि इससे पहले जनवरी में, सेंट्रल बैंक ने UIDAI के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। ताकि डिजिटल पेमेंट्स की डीपीनिंग को हाई लेवल पर लाया जा सके।   यह समिति देश में डिजिटल भुगतान की मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर ईको सिस्टम में अंतराल की पहचान और उन्हें हल करने के तरीके सुझाने के लिए जिम्मेदार है।

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वहीं उम्मीद है कि समिति मई में अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ राज्य सरकारें अभी भी ऑनलाइन भुगतान नहीं कर रही हैं। तथा वे अभी तक नकदी या चेक का उपयोग कर रख रही हैं और इस प्रक्रिया को बदलना होगा।

बता दें कि अब आरबीआई (RBI) अपनी सरकारी सेवाएं जैसे, रिटर्न और टैक्स चालान के लिए ऑनलाइन भुगतान को लागू करने की योजना बना रही है। समिति ने कथित तौर पर पारिस्थितिकी तंत्र में अंतराल पर चर्चा करने के लिए बैठक की थी। समिली ने इस दौरान वित्तीय सेवाओं तथा आर्थिक मामलों के विभाग, दूरसंचार विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों से मदद मांगी है।

देश में भुगतान को डिजिटाइज़ करने के लिए, आरबीआई (RBI) ने हाल ही में ऑनलाइन भुगतान को लेकर उपयोगकर्ताओं के जहन में जो डर और संदेह है उसे खत्म करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस महीने की शुरुआत में, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि सेंट्रल बैंक डिजिटल लेनदेन के लिए ग्राहक-सुरक्षा उपायों पर कार्य करेगा।

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वहीं आरबीआई (RBI) की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान, दास ने सेंट्रल बैंक सभी अधिकृत भुगतान प्रणालियों में ग्राहकों की शिकायतों और मुआवजे के समाधान के लिए टर्नअराउंड समय में सुधार करने का प्रस्ताव दिया है। फरवरी में, बैंक रेगुलेटर ने ऑनलाइन भुगतान के लिए लोकपाल योजना भी शुरू की थी। इस योजना के तहत, नियामक ऑनलाइन लेनदेन से संबंधित उपयोगकर्ता की शिकायतों का निवारण होगा।

अगर  आरबीआई (RBI) सभी सरकारी भुगतानों को डिजिटल करने की योजना सफल हो जाती है तो यह लोगों के लिए तथा क्रमचारियों के लिए काफी सहुलियत भरा कार्य होगा।  

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