Paytm ने RBI से की अपने Payment Bank को ‘छोटे फाइनेंस बैंक’ में बदलने की अपील: रिपोर्ट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार Paytm ने RBI से अपने Payment Bank के लाइसेंस को एक छोटे फाइनेंस बैंक के रूप में बदलने की अपील की है।

आपको बता दें इन दोनों के बीच मुख्य अंतर यह है कि छोटा फाइनेंस बैंक 1 लाख रुपये से अधिक की जमा राशि स्वीकार कर सकता है और छोटे लोन भी दे सकता है।

वहीँ आपको बता दें RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन द्वारा बनाये गये नियमों के अनुसार Payment Bank के मॉडल के तहत न ही बैंक में 1 लाख से ऊपर की राशि जमा की जा सकती है, न ही बैंक द्वारा किसी प्रकार का कोई लोन प्रदान किया जा सकता है। 

हालाँकि अगर आंकड़ों पर नज़र डालें तो Paytm के लिए मंजूरी की राह थोड़ी कठिन नज़र आती है और साथ ही आपको बता दें अधिकतर कंपनियां जिन्होनें अपने Payment Bank मॉडल को छोटे फाइनेंस बैंक में बदलने की कोशिश की, उन्होनें कुछ दिनों में इसे खोलने के बाद बंद कर दिया है।

लेकिन गौर करने वाली बात यह भी है कि Paytm देश में डिजिटल वित्तीय सेवाओं के एक दूसरे नाम के तौर पर जाना जाता रहा है और शायद कंपनी को इस बात का फायदा जरुर ही मिल सकता है। 

वहीँ अभी तक RBI की तरफ से किसी भी प्रकार का कोई आधिकारिक जवाब जाने की पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन Paytm ने यह जरुर कहा है कि एक छोटा फाइनेंस बैंक एक Payment Bank मॉडल की तुलना में हमारे उपभोगताओं की काफी जरूरतें पूरी कर सकेगा।

इस बीच आपको बता दें कि RBI की तरफ़ से पहले कई बार कहा जा चुका है कि अगर कंपनी का मॉडल बुनियादी जरूरतों को पूरा करता नज़र आता है तो हमें किसी भी Payment Bank को एक छोटे फाइनेंस बैंक में बदलने में कोई समस्या नहीं है।

वहीँ आपको बता दें Paytm Payment Bank पूरी तरह यानि 100% तौर पर प्रमोटरों के स्वामित्व में है। लेकिन खास यह है कि इसके एक प्रमोटर के तौर पर विजय शंकर शर्मा के पास 50% इक्विटी है, और बाकी की इक्विटी One97 Communications के पास है, जो Paytm पर मालिकाना हक़ रखता है।

इस बीच आपको बता दें कि कंपनी ने अभी हाल ही में $ 1 बिलियन का फंड जुटाया है। और अब इसके इस्तेमाल से कंपनी डिजिटल पेमेंट क्षेत्र में काफ़ी तेजी से आगे निकल रहे बड़े प्रतिद्वंदियों को पीछे छोड़ कर भारत में फ़िर से डिजिटल पेमेंट का दूसरा नाम बनना चाहती है।

इस बीच आपको बता दें इस साल Paytm Payment Bank ने 1,668 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ ही 20 करोड़ रुपये का छोटा लाभ भी दर्ज किया है।

हालाँकि उम्मीद यह है कि यदि कंपनी को छोटे फाइनेंस बैंक का लाइसेंस मिल जाता है, तो वह अपने परिचालन को तेजी से बढ़ाते हुए देशभर में इसकी शाखाएँ खोल सकती है और लोन देने की भी शुरुआत कर सकती है। जिसके जरिये ब्याज से कंपनी मोटा लाभ कमाने की उम्मीद भी कर रही है।

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नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं | Founder & Editor-In-Chief (TechSamvad)
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