फिनटेक स्टार्टअप Propelld ने Stellaris Venture Partners के नेतृत्व में जुटाए 15 करोड़ रुपये

  • by Yogesh
  • August 12, 2019

बेंगलुरु स्थित फिनटेक स्टार्टअप Propelld जो कि छात्र शिक्षा ऋण देता है ने सोमवार को घोषणा की है कि उसने स्टेलारिस वेंचर पार्टनर्स (Stellaris Venture Partners) और इंडिया कोटिएंट (India Quotient) से 15 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

Propelld के मौजूदा निवेशक इंडिया एंजल नेटवर्क फंड (India Angel Network Fund) ने भी इस फंडिंग राउंड में भाग लिया है। वहीं  इस राउंड में अन्य निवेशकों में Taxiforsure के संस्थापक रघुनंदन जी और लिवस्पेस (Livspace) के संस्थापक रमाकांत शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने स्टेलारिस (Stellaris) के संस्थापक नेटवर्क के सदस्यों के रूप में भाग लिया था।

इस फंडिंग को लेकर Propelld के संस्थापक बिभु प्रसाद दास ने कहा कि,

“हम अपने संस्थान और एनबीएफसी (NBFC) भागीदारों से इनपुट के साथ ट्रेलर ऋण उत्पादों का निर्माण करके शिक्षा ऋण बाजार का विस्तार कर रहे हैं, ताकि डिफ़ॉल्ट जोखिम की जल्द पहचान हो, और नकारात्मक पक्ष हितधारकों के बीच साझा किया जाता है।”

गौरतलब है कि Propelld ने आखिरी बार 2018 में IAN से 1.7 करोड़ रुपये का सीड राउंड हासिल की थी। Propelld ने देश भर में 150 से अधिक शिक्षण संस्थानों के साथ समझौता किया है और अब तक 1500 से अधिक छात्रों को ऋण दिया है। इस वित्त पोषण के साथ, यह अगले 18 महीनों में अपने संस्थानों और छात्रों के आधार को 10 गुना बढ़ाने की योजना बना रहा है।

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Propelld की स्थआपना 2017 में बिभु प्रसाद दास, विक्टर सेनापति और ब्रिजेश सामंतराय द्वारा की गई थी। Propelld मशीन सीखने से लेकर आतिथ्य प्रबंधन तक के क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए छात्रों को वित्तपोषण प्रदान करने में मदद करता है। स्टार्टअप भविष्य में रोजगार की संभावनाओं और अपने ग्राहकों की साख का आकलन करने के लिए मालिकाना रोजगार का उपयोग करता है। यह उन लोगों को पूरा करता है जिनके पास औपचारिक बैंक क्रेडिट (bank credit) तक पहुंच नहीं है।

स्टेलारिस वेंचर पार्टनर्स (Stellaris Venture Partners) के पार्टनर रितेश बंग्लानी ने कहा कि,

“शिक्षा वित्तपोषण भारत में एक बड़े पैमाने पर कम-सेवा का अवसर है जहां छात्रों का एक छोटा प्रतिशत बैंक क्रेडिट (bank credit) तक पहुंच रखता है। प्रस्तावित छात्रों की भविष्य की आय को निर्धारित कर सकता है और परिणामस्वरूप बहुत बड़ी छात्र आबादी को क्रेडिट (credit)  प्रदान कर सकता है।,”

इंडिया कोटिएंट (India Quotient) के संस्थापक सहयोगी आनंद लूनिया ने कहा कि,

“प्रोपेल्ड शिक्षा ऋण को पाठ्यक्रम के वितरण के बिंदु पर ला रहा है, जो छात्र को सुविधा प्रदान करता है और संस्थान को उच्च रूपांतरण प्रदान करता है। उनकी प्रौद्योगिकी-आधारित अनुमोदन प्रक्रियाएं कठोर रिस्क अंडरराइटिंग से समझौता किए बिना त्वरित ऋण अनुमोदन सुनिश्चित करती हैं।,”

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