RBI ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए RTGS और NEFT लेनदेन पर शुल्क हटाया

  • by Yogesh
  • June 6, 2019

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने गुरुवार को घोषणा की है कि उसने डिजिटल ट्रांजेक्शन (digital transactions) को बढ़ावा देने के लिए रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम (Real Time Gross Settlement System) RTGS और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (National Electronic Funds Transfer) NEFT के माध्यम से लेनदेन पर शुल्क हटा दिया है।

गौरतलब है कि आरटीजीएस (RTGS) प्रणाली का उपयोग बड़े मूल्य के तात्कालिक फंड ट्रांसफर के लिए किया जाता है, जबकि एनईएफटी (NEFT) प्रणाली का उपयोग 2 लाख रुपये तक का फंड ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।

बता दें कि अब से पहले देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (Reserve Bank of India), NEFT के माध्यम से लेनदेन के लिए 1 रुपये और 5 रुपये के बीच शुल्क लेता था। जबकि RTGS रूटिंग के माध्यम से लेनदेन पर 5 रुपये से 50 रुपये के बीच शुल्क लेता था। लेकिन अब भारतीय स्टेट बैंक (Reserve Bank of India) मौद्रिक नीति समिति ( Monetary Policy Committee) की बैठक के बाद विकास और विनियामक नीतियों पर अपने बयान में कहा कि वह अन्य फंड ट्रांसफर के लिए आरटीजीएस (RTGS) और एनईएफटी (NEFT) प्रणाली के माध्यम से लेनदेन के लिए बैंकों से न्यूनतम शुल्क वसूलता है। तथा इसके बदले में, बैंक अपने ग्राहकों पर शुल्क लगाते हैं।

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अब भारतीय स्टेट बैंक (Reserve Bank of India) ने डिजिटल फंडों के आंदोलन को गति प्रदान करने के लिए, आरटीजीएस (RTGS) और एनईएफटी (NEFT)  प्रणालियों में संसाधित लेनदेन के लिए लगाए गए शुल्कों को दूर करने का निर्णय लिया गया है।

इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय बैंकों (central bank ) ने कहा कि,

“बैंकों को अपने ग्राहकों को इन लाभों को पारित करना आवश्यक होगा। इस संबंध में बैंकों को निर्देश एक सप्ताह के भीतर जारी किए जाएंगे।”

वहीं  भारतीय स्टेट बैंक (Reserve Bank of India) ने एटीएम (ATM) के उपयोग पर लगाए गए शुल्क की समीक्षा करने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला लिया है क्योंकि जनता द्वारा इसके उपयोग में काफी वृद्धि हुई है।

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एटीएम (ATM) के उपयोग पर लगाए गए शुल्क को लेकर भारतीय स्टेट बैंक (Reserve Bank of India) ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer), और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन Indian Banks’ Association (IBA) की अध्यक्षता में सभी हितधारकों को शामिल करने वाली एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो एटीएम (ATM) शुल्कों की संपूर्ण जाँच करे।

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