June 3, 2020
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विज्ञापन राजस्व में घाटे के चलते अब ShareChat ने भी 101 कर्मचारियों को कंपनी से निकाला

पूरे विश्व में इस वैश्विक महामारी अपने पूरे चरम पर है। इसके वजह से घरेलू बाजारों पर बहुत बुरा असर पड़ा है। कोरोना ने ShareChat’s के भी व्यवसाय पर पानी फेर दिया है।

इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के हवाले से आई खबर में यह साफ़ लिखा है कि बुधवार को ShareChat ने करीब अपने 101 कर्मचारियों को कंपनी से बाहर निकाल दिया। कंपनी अपने एक चौथाई कर्मचारियों की संख्या में भी कमी करने वाली है क्योंकि कंपनी का कहना है की इस परिस्थिति में विज्ञापन बाज़ार पूरी तरह अनिश्चित है और हम अभी कुछ भी भविष्यवाणी नहीं कर सकते है।

Twitter आधारित फर्म ने आज सुबह अपने कर्मचारियों को ईमेल के जरिए विभिन्न कटौती के उपायों के बारे में बताया। पांच साल पुरानी यह कंपनी ने पिछले साल अक्टूबर के महीने से ही विज्ञापन के जरिए विभिन्न प्लेटफार्मों पर मुद्रीकरण शुरू किया था। लेकिन इस भयंकर महामारी की वजह से आई आर्थिक मंदी ने विज्ञापन बाज़ार को बुरी तरह प्रभावित किया।

ShareChat के सह संस्थापक और सीईओ अंकुश सचदेवा ने कहा कि हमें अपने मूल उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करना होगा साथ ही साथ हमें अपने मूल सिद्धांतों पर वापस जाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष हमें विश्वास है की विज्ञापन बाज़ार अप्रत्याशित रहेगा इसके लिए हम अपनी राजस्व टीमों को नई उम्मीदों के लिए व्यवस्थित कर रहे है । आगे आने वाले समय में हम इसका मुकाबला करेंगे।

इकनॉमिक टाइम्स ने यह साफ़ किया की उसने वो ईमेल वाली कॉपी देखी है जो कंपनी ने कर्मचारियों को भेजा था। सचदेवा ने यह भी कहा कि हमें पिछले साल अपने कंपनी के लिए पूंजी जुटाने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। लेकिन वह इस व्यवसाय पर ध्यान नहीं दे रही है।

ईमेल के माध्यम से सचदेवा ने कहा कि इस कंपनी का निर्माण अथक परिश्रम और ईमानदारी से किया गया है और जो भी लोग हमारे लिए दिन भर काम करते है वह हमारे वह हमारे लिए वरदान है। हमारे लिए इस तरह का फैसला लेना काफी कठिन है। मुझे उम्मीद है आप समझ गए होंगे कि हमें संगठन को बनाए रखने और इस महामारी के दूसरे पक्ष को देखने के लिए ऐसा फ़ैसला ले पड़ रहा है।

ShareChat ने पिछले साल माइक्रोब्लॉगिंग साइट्स जैसे की Twitter और अन्य निवेशकों से करीब $100 मिलियन  कमाए थे। TrustBridge Partners, Shunwei Capital, Lightspeed Ventures Partners और SAIF Capital भी इनके निवेशकों में से एक है जिनका भारत में करीब 60 मिलियन मासिक सक्रिय सदस्य है।

निकले गए कर्मचारियों के पास दो महीने का लीव गार्डन या चार महीने तक आधे वेतन का विकल्प मौजूद होगा। गार्डन लीव का मतलब होता है जब व्यक्ति कंपनी से निकाल दिया जाता है तो उस परिस्थिति में वह नोटिस अवधि के दौरान काम से दूर रहता है लेकिन वह अभी भी वह पैरोल पर शेष है। इसके अलावा उन सभी कर्मचारियों को कंपनी में काम करने वाले प्रत्येक वर्ष एक महीने की छूट मिलेगी।

Abhinav Narayan is presently a student of Law from Amity Law School, Noida; and is a vastly experienced candidate in the field of MUNs and youth parliaments. The core branches of Abhinav's expertise lies in Hindi writing, he writes Hindi poems and is a renowned orator. He is currently the President of the Hindi Literary Club, Amity University.
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