Swiggy, Zomato के डिलीवरी पार्टनर्स लगातार तोड़ रहे ट्रैफिक नियम; पुलिस ने कंपनी को बताया दोषी

ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी बिज़नेस की बात की जाए तो भारत में मुख्यतः यह बाज़ार मुंबई और बेंगलुरू में सबसे बड़ा बन जाता है। और ऐसे में जाहिर तौर पर Zomato और Swiggy जैसे ख़िलाड़ी यहाँ सर्वाधिक रूप से सक्रीय हों यह तो लाजमी है।

और Zomato और Swiggy की मजबूत मौजूदगी का सीधा सा मतलब है सड़कों पर अत्यधिक निकलने वाले डिलीवरी पार्टनर्स। लेकिन अब ye डिलीवरी पार्टनर्स कथित रूप से इन जगहों पर ट्रैफिक पुलिस के लिए समस्या बनते जा रहें हैं। 

जी हाँ! दरसल कथित तौर पर ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने पिछले कुछ महीनों में इस तरह के सैकड़ों डिलीवरी पार्टनर्स पर ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के लिए जुर्माना लगाया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि इसके बावजूद कुछ भी नहीं बदला है।

और अब इन शहरों की पुलिस ने डिलीवरी पार्टनर्स के ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हेतु कंपनी के प्रोत्साहन पेमेंट स्ट्रक्चर को ज़िम्मेदार ठहराया है।

दरसल डिलीवरी पार्टनर्स द्वारा बढ़े हुए ट्रैफ़िक कानून के उल्लंघन के कारण हाल ही में बेंगलुरु की ट्रैफ़िक पुलिस और Swiggy, Zomato और अन्य ऐसी कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच एक बैठक हुई।

पुलिस ने इन चिंताओं को उठाया कि इन कंपनियों ने डिलीवरी पार्टनर्स के पेमेंट स्ट्रक्चर को इस प्रकार से बनाया है कि वह जल्द से जल्द ऑर्डर डिलीवर करने कली फ़िराक में रहते हैं जिससे अधिक से अधिक पैसे कमाए जा सकें और इसके लिए वह ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर अपनी और सड़क पर अन्य लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते हैं।

बेंगलुरु शहर के यातायात पुलिस के संयुक्त आयुक्त, रविकंते गौड़ा ने ईटी को बताया कि उन्होंने खाद्य वितरण कंपनियों को अपने भुगतान और प्रोत्साहन संरचनाओं पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है ताकि डिलीवरी पार्टनर्स समय पर भोजन डिलीवर करने के लिए यातायात नियमों को न तोड़े। 

उन्होंने कहा’;

“ये कंपनियां कई जगहों पर 20 मिनट में डिलीवरी का वादा करती हैं। इस तरह के लक्ष्य को पेश नहीं किया जाना चाहिए।” 

इसके साथ ही गौड़ा ने आगे कहा कि इन कंपनियों द्वारा निर्धारित लक्ष्य उचित होना चाहिए, जो सामान्य रूप से डिलीवरी पार्टनर्स और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

इससे पहले 2019 में मुंबई पुलिस ने भी इसी तरह की समस्याओं को साझा करते हुए इन डिलीवरी कंपनियों से मुलाकात की थी।

बेंगलुरु और मुंबई में, हजारों डिलीवरी एजेंटों को फूड ऑर्डरिंग ऐप द्वारा रोजगार प्रदान किया गया है। इसके चलते डिलीवरी पार्टनर्स के बीच भी अधिक से अधिक पैसे कमाने को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। 

और इसका सीधा कारण है लोकप्रियता हासिल करने के लिए कंपनियों द्वारा तय किये गये लक्ष्य। दरसल समय पर ऐसे लक्ष्यों को पूरा न करने पर डिलीवरी पार्टनर्स को कम पैसे दिए जाते हैं और जिसकी वजह से यातायात अपराधों में वृद्धि होती है।

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नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं | Founder & Editor-In-Chief (TechSamvad)
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