June 3, 2020
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YouTube 'vs' TikTok

इंटरनेट पर TikTok की भारी किरकिरी; रेटिंग 4.5+ से घटकर 2 तक पहुँची

ByteDance स्वामित्व वाली TikTok का विरोध लगातार सोशल मीडिया पर देखा जा रहा है। कई चीन विरोधी और TikTok के आलोचकों ने Bandwagon के माध्यम से इसपर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा। लोगों ने इसे बनाने वाले लोगों पर हिंसा, नफ़रत की भावना और एसिड हमलों को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप भी लगाया है।

साथ ही सामने आई कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल में ही प्लेटफार्म पर एक वीडियो जिसमें एसिड-अटैक पीड़ितों का मजाक बनाया गया, उसको लेकर भारत में लोगों का भारी गुस्सा भी TikTok को सहना पड़ा और यह भी एक बड़ा कारण बना कि TikTok की रेटिंग Google के Play Store पर करीब 4.6 से 2 तक आ सिमटी है।

इसकी शुरुआत तब हुई जब TikTok के निर्माता आमिर सिद्दीकी ने Facebook के स्वामित्व वाले Instagram पर YouTubers को आह्वान करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया। अपने उस वीडियो में सिद्दीकी ने यूट्यूबर्स पर TikTok के चीजों को चुराने और ब्रांड के समर्थन पर हारने का आरोप लगाया।

उसके बाद CarryMinati के नाम से प्रसिद्ध रोस्टर अजय नागर ने यूट्यूब पर आमिर सिद्दीकी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और एक ही वीडियो के माध्यम से लोगों के दिलों पर राज करने लगे लेकिन बाद में उस वीडियो को शर्तों के उल्लंघन के मामलों में उस प्लेटफ़ॉर्म से वापस हटा दिया गया। उनके वीडियो को हटाने के बाद से नागर के फैंस ने Twitter पर जमकर विरोध शुरू कर दिया।

#RoastNahiFryKarunga और #BanTikTok जैसे हैशटैग Twitter पर ट्रेंड होने लगे। माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफ़ॉर्म पर #BanTikTokInIndia, #TikTokdown और #TikTokexposed जैसे हैशटैग भी ट्रेंड कर रहे थे।

Tiktok और आमिर सिद्दीकी को निशाने बनाते हुए लोगों ने Twitter पर जमकर Memes शेयर किया और लोगों से TikTok को Uninstall करने को कहा।

इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक निजी स्वतंत्र संचार सलाहकार और Ogilvy में राष्ट्रीय नेतृत्व कर चुके कार्तिक श्रीनिवासन ने कहा कि हाल के दिनों के उदाहरणों को देखते हुए रिपोर्ट की गई चीजों को हटाना के लिए YouTube कठिन काम कर रही है। यह सिर्फ़ TikTok के बारे में नहीं कहा जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्लेटफ़ॉर्म पर ख़राब चीज़े उपलब्ध होने से हमलोग उस पूरे तरह से माप नहीं सकते है।

ऐसे ऐसे प्लेटफ़ॉर्म नए लोगों को सोशल मीडिया परआने के लिए प्रेरित कर रही है। शहरों में यह एक फैशन बन गई है जो की सर्वदा अनुचित है।

TikTok के प्रवक्ता ने कहा कि हम ऐसी चीजों को अपने प्लेटफ़ॉर्म पर अनुमति बिल्कुल नहीं देते है जिससे दूसरों की सुरक्षा जोख़िम में डाली जा सकें और जिससे महिलाओं को शारीरिक क्षति अथवा हिंसा की प्रवृति को बढ़ावा दिया जाएं। इस तरह के व्यवहार हमारे दिशानिर्देशों का सख़्ती से उल्लंघन करते है जिसे हमने अपनी जगह से हटा लिया है और उस अकाउंट को भी निलंबित कर दिया तथा उसपर कानूनी कारवाई भी की जाएगी।

मार्केटिंग और एनालिटिक्स फर्म Semrush के मुताबिक़, पिछले दो दिनों में क़रीब 48 प्रतिशत से अधिक TikTok के ख़िलाफ़ नकारात्मक ट्वीट किए गए है, जबकि 20 प्रतिशत से अधिक लोगों ने ऐप को प्रतिबंधित किए जाने पर अपनी सहमति व्यक्त की है।

TikTok बैन को लेकर चल रहा ट्विटर हैशटैग कोई नया नहीं है इससे पहले भी कई बार इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई गई है। हालिया अभियान न सिर्फ़ चीनी मंचों को निशाना बना रहा है बल्कि उसके निर्माताओं को भी आड़े हाथों लिया है जो पड़े पैमानों पर छोटे शहरों से आते है।

Abhinav Narayan is presently a student of Law from Amity Law School, Noida; and is a vastly experienced candidate in the field of MUNs and youth parliaments. The core branches of Abhinav's expertise lies in Hindi writing, he writes Hindi poems and is a renowned orator. He is currently the President of the Hindi Literary Club, Amity University.
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