स्थानीय भाषाओँ में कंटेंट बढ़ने के चलते YouTube को मिल रहे 265 मिलियन मासिक उपयोगकर्ता

देश में मिलियन-सब्सक्राइबर आधार को पार करने वाले 1,200 से अधिक वीडियो क्रिएटर्स के साथ, YouTube भारत में अपनी बढ़ती लोकप्रियता और उपयोगकर्ता आधार से बेहद खुश है।

जी हाँ! इस बात का ख़ुलासा खुद YouTube India के कंटेंट पार्टनरशिप के निदेशक, सत्या राघवन ने किया। दिलचस्प रहा इस बढ़त को लेकर उनका दिया गया कारण, जिसके अनुसार प्लेटफ़ॉर्म पर स्थानीय भाषा आधारित कंटेंट के बढ़ने के चलते उपयोगकर्ता आधार में  “अत्यधिक वृद्धि” दर्ज की गई है।

आपको बता दें कि यह वीडियो-शेयरिंग वेबसाइट, वर्तमान में भारत में प्रति माह 265 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता आधार होने का दावा करती है औरखास यह है कि इसके 60 प्रतिशत उपयोगकर्ता मेट्रो शहरों के बाहर अर्थात टियर 2 टियर 3 जगहों से आते हैं।

अपने इस ऐलान के साथ राघवन ने कहा;

“हम भारतीय भाषाओं में कंटेंट की खपत में भारी वृद्धि देख रहे हैं। देश में 1200 से अधिक रचनाकारों ने मिलियन-सब्सक्राइबर सीमा पार कर ली है। सिर्फ पांच साल पहले एक मिलियन ग्राहक आधार वाले केवल दो क्रिएटर्स थे।”

राघवन ने कहा कि 95 प्रतिशत से अधिक ऑनलाइन वीडियो खपत भारतीय भाषाओं में है और बंगाली सामग्री साल-दर-साल 100 प्रतिशत से अधिक बढ़ रही है।

READ  संवाद 2018: बेमिसाल लोकप्रियता के बावजूद आखिर 2018 में क्यूँ संघर्ष कर रहा है देश का 'ई-वॉलेट बाज़ार'

RedSeer की रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न प्लेटफार्मों पर खपत का 40 प्रतिशत तक शॉर्ट फॉर्मेट वीडियो है। इसने यह भी कहा कि वीडियो विज्ञापनों के वर्तमान 20 प्रतिशत डिजिटल विज्ञापन हिस्सेदारी की 40 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है।

आपको बता दें की YouTube की लोकप्रियता के कई कारक हैं, जैसे इसका फ़्री होना, हर भाषाओँ में इसकी मजबूत मौजूदगी, धीमे इंटरनेट पर भी इसका सपोर्ट इत्यादि।

इसके साथ ही YouTube पर तेजी से बढ़ रही शिक्षण सामग्री भी इसका मुख्य कारण है। आपको बता दें इस साल सितंबर में YouTube ने उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षण सामग्री के लिए 8 भारतीय रचनाकारों में निवेश किया।

READ  Cisco ने हाई स्पीड WiFi सेवा देने के लिए Google संग मिलाया हाथ

राघवन ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि कंपनी भारत में लर्निंग कम्युनिटी को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहले से ही अंग्रेजी भाषा, प्रशिक्षण, पर्यावरण विज्ञान, राजनीति विज्ञान, कलन, आनुवांशिकी, अंग्रेजी, हिंदी और तमिल में रसायन विज्ञान जैसे विषयों को शामिल करते हुए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षण सामग्री विकसित करने के लिए धन के साथ स्थानीय रचनाकारों का समर्थन करता रहा है।

कंपनी ने पहले ही भारत के आठ रचनाकारों- ExamFear Education Hindi, Learn Engineering, Don’t Memorise, Study IQ Education, D’art of Science, Learnex – English Lessons Through Hindi, GetSetFlySCIENCE, और Let’s Make Engineering Simple को फंड किया है।

Loading...

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रौद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं | Founder & Editor-In-Chief (TechSamvad)
  • facebook
  • twitter
  • linkedIn
  • instagram

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *